5 साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप-5 म्यूचुअल फंड
जानिए किसकी निवेश रणनीति है सबसे अलग
नई दिल्ली: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद पिछले पांच वर्षों में कई इक्विटी म्यूचुअल फंडों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। खास बात यह रही कि इस अवधि में मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। वैल्यू रिसर्च के 25 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, डायरेक्ट प्लान (सेक्टोरल फंड को छोड़कर) में कुछ फंडों ने 20 प्रतिशत से अधिक का सालाना औसत (CAGR) रिटर्न दिया है।
सबसे अधिक रिटर्न बंधन स्मॉल कैप फंड ने दिया, जिसने पिछले पांच वर्षों में 29.54 प्रतिशत का सीएजीआर रिटर्न हासिल किया। इसके बाद मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड ने 22.88 प्रतिशत, इनवेस्को इंडिया स्मॉलकैप फंड ने 22.16 प्रतिशत, इनवेस्को इंडिया मिड कैप फंड ने 21.94 प्रतिशत और निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिड कैप फंड ने 21.56 प्रतिशत का रिटर्न दिया।
यदि किसी निवेशक ने पांच वर्ष पहले मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड में एक बार 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो आज उसकी राशि लगभग 2.8 लाख रुपये हो जाती। इससे लंबी अवधि में मिडकैप निवेश की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
किस फंड की क्या है निवेश रणनीति?
मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड अपनी अधिकांश राशि मिडकैप कंपनियों में निवेश करता है। इसके पोर्टफोलियो का लगभग 80.86 प्रतिशत हिस्सा मिडकैप शेयरों में है, जबकि 19.14 प्रतिशत निवेश बड़ी कंपनियों में है। इसकी प्रमुख होल्डिंग्स में वन97 कम्युनिकेशंस (Paytm), कोफोर्ज और कल्याण ज्वेलर्स शामिल हैं।
इनवेस्को इंडिया स्मॉलकैप फंड का फोकस तेजी से बढ़ने वाली छोटी कंपनियों पर है। इसके पोर्टफोलियो का 66.45 प्रतिशत हिस्सा स्मॉलकैप शेयरों में निवेशित है। इस फंड की प्रमुख होल्डिंग्स में साई लाइफ साइंसेज, एम्बर एंटरप्राइजेज और आदित्य इन्फोटेक शामिल हैं।
इनवेस्को इंडिया मिड कैप फंड अपेक्षाकृत संतुलित रणनीति अपनाता है। इसमें 64.90 प्रतिशत निवेश मिडकैप, 18.14 प्रतिशत लार्जकैप और 16.96 प्रतिशत स्मॉलकैप कंपनियों में है। इसकी प्रमुख होल्डिंग्स बीएसई, प्रेस्टिज एस्टेट्स और फेडरल बैंक हैं।
बंधन स्मॉल कैप फंड का बड़ा हिस्सा स्मॉलकैप शेयरों में निवेशित है। इसके लगभग 77.12 प्रतिशत निवेश स्मॉलकैप कंपनियों में हैं, जबकि करीब 10 प्रतिशत नकद रखा गया है ताकि बाजार में अस्थिरता के समय जोखिम को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सके। इसके प्रमुख निवेशों में सोभा, आरईसी और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं।
निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिड कैप फंड मिडकैप के साथ लार्जकैप और कुछ स्मॉलकैप शेयरों का संतुलित मिश्रण रखता है। इसके पोर्टफोलियो में 68.50 प्रतिशत मिडकैप, 21.09 प्रतिशत लार्जकैप और 10.41 प्रतिशत स्मॉलकैप शेयर शामिल हैं। इसके प्रमुख निवेश बीएसई, फोर्टिस हेल्थकेयर और फेडरल बैंक हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
पिछले पांच वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों ने लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न दिया है, लेकिन इनमें उतार-चढ़ाव का खतरा थोड़ा ज्यादा होता है। इसलिए निवेशकों को केवल पिछले रिटर्न देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और निवेश अवधि का आकलन करना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर सेबी-पंजीकृत वित्तीय सलाहकार की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। पिछले रिटर्न भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होते।
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लेखक के बारे में
गर्गी विश्वकर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़ी हैं और डिजिटल डिप्टी चीफ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। वह डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्पष्ट, तथ्यपरक और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करती हैं।
