बगीचे में चीकू का पौधा जरुर शामिल करें
चीकू का पौधा: क्या आप भी अपने घर की छत या बालकनी को बगीचे में बदलना कहते है? अगर हां, तो इस बार अपने बगीचे में चीकू का पौधा जरुर शामिल करें. बहुत से लोग सोचते हैं कि चीकू का पेड़ सिर्फ बड़े खेतों या जमीन पर ही उग सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है. आप बेहद आसानी से एक साधारण से गमले में भी मीठे और रसीलेदार चीकू के पौधे को उगा सकते हैं. बस इसके लिए आपको गार्डनिंग की एक ख़ास और आसान सी ट्रिक अपनानी होगी, आइए जानते हैं आप कैसे घर पर चीकू के पौधे को उगा सकते हैं.
सही किस्म के पौधे को चुनें
गमले में चीकू उगाने के लिए एक खास बात का ध्यान रखें कि चीकू को कभी भी आपको बीज से नहीं उगाना है, क्योंकि बीज से उगे पौधे में फल आने में 7 से 8 साल का लम्बा वक्त लगता है. ऐसे में आप हमेशा नर्सरी से तैयार पौधा खरीदें. गमले के लिए 'क्रिकेट बाल' या 'काली पत्ती' वैरायटी सबसे बेस्ट मानी जाती है. नर्सरी द्वारा तैयार पौधा लगाने में यह फायदा है कि ऐसे पौधों में 2 से 3 साल के भीतर ही भारी मात्रा में फल आने लगते हैं
सही गमले और मिट्टी का चुनाव
चीकू एक परफेक्ट और परमानेंट पौधा है, इसलिए इसे सही जगह देना जरूरी है. शुरुआत में आप इसे 12 इंच के गमले में लगा सकते हैं, लेकिन 1 से 2 साल के बाद आपको इसे बड़े ड्रम या ग्रो बेग में शिफ्ट करना होगा. साथ ही जल निकासी के लिए आप गमले के नीचे एक छोटा सा छिद्र कर दे, जिससे गमले में पानी ठहराव नहीं होगा और पौधा सड़न नहीं पकड़ेगा. इसके बाद आपको पौधे के लिए मिट्टी तैयार करनी होगी, चीकू के लिए आप भुरभुरी मिट्टी का चुनाव करें, इसमें आप 30% गोबर या वर्मीकम्पोस्ट खाद मिलाएं. साथ ही 10% नदी की रेत और 10% नीम की खली जरुर डालें इससे पौधे की जड़ों में फंगस या कीड़े नही लगेंगे
धूप और पानी का रखें पूरा ख्याल
किसी पौधे के विकास में धूप और पानी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इसलिए घर की बालकनी या छत पर गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को दिनभर में 5 से 6 घंटे की सीधी और तेज धूप मिलती रहे. अगर पौधे को छांव में रखेंगे तो उसकी ग्रोथ रुक जाएगी और फल नहीं आएंगे. पौधे को पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी सतह सूख जाए. ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो इससे पौधे की जड़ें सड़न पकड़ सकती हैं. गमले में सीमित मिट्टी होने के कारण पौधे को एक्स्ट्रा पोषण की जरूरत होती है. ऐसे में आप साल में 2 बार पौधे को 2 से 3 किलो गोबर की खाद डाल दें और जब फूल आने लगे तब मिट्टी में 2 चम्मच बोन मील या रॉक फॉस्फेट मिला दें. ऐसा करने से फूल झड़ेंगे नहीं और सभी फूल बड़े-बड़े चीकू में बदल जाएं.
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
