अपने किचन गार्डन में कैसे उगाएं शाही जीरा?
शाही जीरा: बाजारों में फलों और सब्जियों में बढ़ती मिलावट को देखते हुए अधिकतर लोग अपने घरों में किचन गार्डन बनाकर फल और सब्जियां उगाने लगे हैं. लेकिन अब फलों और सब्जियों के साथ-साथ घरेलू मसालों में भी मिलावट के मामले सामने आने लगे हैं. जैसे जीरा, हल्दी, धनिया और मिर्च पाउडर जैसे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले मसालों में भी मिलावट की शिकायतें देखने को मिल रही हैं.
ऐसे में लोग शुद्ध और सुरक्षित मसाले पाने के लिए उन्हें घर पर ही उगाने की ओर रुचि दिखा रहे हैं. जीरा एक ऐसा मसाला है, जिसे आमतौर पर हर घर में रोज इस्तेमाल किया जाता है. यह खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पेट के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. आमतौर पर लोग घर में धनिया, पुदीना या मेथी जैसे मसाले उगाते हैं, लेकिन कुछ मसाले ऐसे भी हैं जिन्हें गमले, ग्रो बैग या छोटे बगीचे में आसानी से उगाया जा सकता है.
ये खबर भी पढ़े : गविष्ठी यात्रा लेकर औरैया पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द, गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठी मांगऐसे में जीरा एक ऐसा मसाला है, जो कि सुबह नाश्ता बनाने से लेकर दाल में तड़का लगाने और पुलाव तैयार करने तक, जीरा हर रसोई का अहम हिस्सा होता है. ऐसे में क्या होगा अगर आपको पता चले कि जिस तरह आप अपने घर की छत या बालकनी गार्डन में फूल और सब्जियां उगाते हैं, उसी तरह आप घर पर जीरे की खेती भी कर सकते हैं जिससे आप शुद्ध मसाला भी पा सकते हैं और पैसे की बचत भी कर सकते हैं. साथ ही जीरे के पौधे को ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती, इसलिए इसे गमले या ग्रो बैग में भी आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए बस अच्छी धूप, सही मात्रा में पानी और थोड़ी सी देखभाल की जरूरत होती है.
सही मिट्टी और धूप का रखें ध्यान
जीरा उगाने के लिए सबसे जरूरी है सही मिट्टी और अच्छी धूप. इसके लिए हल्की दोमट या रेतीली मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जिसमें पानी जमा न हो, क्योंकि ज्यादा नमी पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है. वहीं गमले की मिट्टी में गोबर की सड़ी हुई खाद या कम्पोस्ट मिला दें, इससे पौधों को अच्छा पोषण मिलेगा. जीरे के पौधों को रोज कम से कम 6 से 8 घंटे धूप मिलनी चाहिए. साथ ही अगर आप इसे बालकनी में उगा रहे हैं तो ऐसी जगह चुनें जहां भरपूर धूप आती हो. अच्छी धूप मिलने पर पौधे तेजी से बढ़ते हैं और बीज भी बेहतर बनते हैं.
बीज लगाने का आसान तरीका
जीरे के बीज सीधे मिट्टी में लगाए जा सकते हैं. बीजों को लगभग 1 से 2 सेंटीमीटर गहराई में बोएं और उनके बीच थोड़ा अंतर रखें. बीज लगाने के बाद हल्का पानी दें ताकि मिट्टी नम बनी रहे. ध्यान रखें शुरुआत में मिट्टी को सूखने न दें, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी भी न डालें. आमतौर पर 10 से 15 दिनों के भीतर अंकुर निकलने लगते हैं. पौधे छोटे और पतले दिखाई देंगे, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है. समय-समय पर खरपतवार हटाते रहें और पौधों को खुली हवा मिलती रहे, इसका ध्यान रखें. जीरे की फसल को बहुत ज्यादा खाद और पानी की जरूरत नहीं होती, इसलिए इसकी देखभाल भी काफी आसान मानी जाती है.
कुछ महीनों में मिलेगा अपना शाही जीरा
जीरे की फसल आमतौर पर करीब 4 महीने में तैयार हो जाती है. जब पौधों के फूल और बीज सूखने लगें तो उन्हें काटकर छांव में सुखा लें. इसके बाद बीज अलग करके इस्तेमाल किए जा सकते हैं. घर पर उगा हुआ जीरा न सिर्फ ताजा और खुशबूदार होता है, बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बाजार के मुकाबले बेहतर हो सकती है. सबसे अच्छी बात यह है कि एक बार सफलतापूर्वक जीरा उगाने के बाद आप अगले सीजन के लिए अपने ही बीज बचाकर रख सकते हैं. अगर आपके पास छोटा सा किचन गार्डन भी है तो इस बार जीरा जरूर उगाकर देखें. आपकी जेब भी खुश होगी और खाने का स्वाद भी पहले से बेहतर हो जाएगा.
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
