कैंसर संस्थान में असाध्य योजना के तहत मिलने वाला इलाज ठप
— मुफ्त इलाज पिछले दो माह से बजट के अभाव में ठप
— बार-बार गुहार लगाने के बावजूद संस्थान को नहीं मिली धनराशि
लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह,कैंसर संस्थान में असाध्य योजना के तहत मिलने वाला मुफ्त इलाज पिछले दो माह से बजट के अभाव में ठप पड़ा है। शासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद संस्थान को अब तक नई धनराशि नहीं मिल सकी है। इसका सीधा असर उन गरीब कैंसर मरीजों पर पड़ रहा है,जिनके लिए यह योजना जीवनरक्षक साबित होती रही है। विभिन्न जिलों से आने वाले कैंसर मरीजों का प्रमुख केंद्र बने संस्थान की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं,जबकि लगभग 300 बेड वाले अस्पताल में अधिकांश बेड हमेशा भरे रहते हैं। यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना, आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री राहत कोष के साथ-साथ असाध्य योजना के तहत भी मरीजों का उपचार किया जाता है। सितंबर 2022 में शुरू हुई असाध्य योजना के तहत अब तक 130 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में शासन ने योजना के लिए एक करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया था, जो पूरी तरह खर्च हो गया। इसके बाद फरवरी में एक करोड़ रुपये और जारी किए गए, लेकिन 20 लाख रुपये खर्च न होने के कारण अप्रैल में वह राशि वापस चली गई। तब से लेकर अब तक संस्थान को नया बजट नहीं मिला है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
