विटामिन ए सम्पूरण अभियान का शुभारंभ, 3.77 लाख से अधिक बच्चों को मिलेगी खुराक
प्रतापगढ़। जनपद में बच्चों को कुपोषण एवं विटामिन ए की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला महिला चिकित्सालय में संचालित वीक्षण एवं एनडीओ सत्र पर विटामिन ए सम्पूरण कार्यक्रम के प्रथम चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राममोहन मीणा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने लक्षित बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.एन. प्रसाद ने बताया कि यह अभियान 10 जून 2026 से 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत जनपद के 9 माह से 5 वर्ष तक आयु वर्ग के 3,77,922 बच्चों को नियमित टीकाकरण सत्रों पर विटामिन ए की खुराक प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि विटामिन ए की प्रथम खुराक खसरा-रूबेला (एमआर) टीके के साथ, दूसरी खुराक एमआर के दूसरे टीके के साथ तथा इसके बाद तीसरी से नौवीं खुराक छह-छह माह के अंतराल पर दी जाती है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. राममोहन मीणा ने अपने संबोधन में कहा कि विटामिन ए बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर रतौंधी, अंधापन, श्वसन एवं दस्त संबंधी समस्याओं में वृद्धि के साथ-साथ बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को समय पर विटामिन ए की खुराक अवश्य दिलाएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष लाखों बच्चे विटामिन ए की कमी से प्रभावित होते हैं।
ये खबर भी पढ़े : बागपत में टेंट व्यापारी और बेटे की हत्या, बदले की आग में हिस्ट्रीशीटर ढेर, बाजार बंद कर व्यापारियों का हंगामासमय पर इसकी पूर्ति कर बच्चों को अंधापन जैसी गंभीर समस्याओं से बचाया जा सकता है। विटामिन ए की पर्याप्त मात्रा बच्चों में दस्त एवं खसरा से होने वाली मृत्यु दर को कम करने तथा कुपोषण की रोकथाम में भी सहायक होती है। उन्होंने यह भी बताया कि 9 माह से 1 वर्ष तक के बच्चों को 1 मिलीलीटर तथा 1 वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चों को 2 मिलीलीटर विटामिन ए की खुराक दी जाती है। साथ ही 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को वीक्षण एवं एनडीओ सत्रों के माध्यम से सप्ताह में दो बार बुधवार एवं शनिवार को आयरन सिरप भी पिलाया जाएगा। आयरन की कमी बच्चों में कुपोषण एवं एनीमिया जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला चिकित्सालय डॉ. रमेश पांडेय, एसएनसीयू नोडल डॉ. आर.के. पाण्डेय, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) महेश सिंह, जिला सहायक प्रतिरक्षण अधिकारी मनीष मिश्रा, एचपीवी कोऑर्डिनेटर शिवानी जायसवाल, डीएआरओ (आरआई) सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं अभिभावकों को विटामिन ए और पोषण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
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ब्रजेश त्रिपाठी को पत्रकारिता क्षेत्र में 35 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन और संपादन के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में उप्र के प्रतापगढ़ जनपद के व्यूरो प्रमुख के पद पर कार्यरत हैं।
