जब रोबोट बना पैसेंजर ताे एक घंटा लेट हुई फ्लाइट, सेफ्टी के लिए निकाली ये चीज
नई दिल्ली। रोबोट अब पैसेंजर बनकर हवाई जहाजों में सफर के लिए पहुंच रहे हैं। कैलिफोर्निया एयरपोर्ट से दिलचस्प घटना सामने आई है। वहां ‘बीबॉप’ (Bebop) नाम के ह्यूमनॉइड रोबोट को यात्री बनाकर एयरपोर्ट पर ले आया गया और इस वजह से फ्लाइट एक घंटे लेट हो गई। ह्यूमनॉइड रोबोट में लगी बैटरी, एयरलाइन कंपनी की चिंता का कारण बन गई क्योंकि उसकी क्षमता ज्यादा थी और बड़ी बैटरी की वजह से रोबोट को यात्रियों के साथ उड़ान भरने नहीं दिया जा सकता था।
इंटरेस्टिंग इंजीनियरिंग की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑकलैंड से सैन डिएगो जाने वाली साउथवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट ने गुरुवार (30 अप्रैल) को करीब एक घंटे की देरी से उड़ान भरी। इसकी वजह एक ह्यूमनॉइड रोबोट था। ह्यूमनॉइड रोबोट उन रोबोटों को कहते हैं जो देखने में इंसानों की तरह लगते हैं। उनके हाथ और पैर होते हैं।
32KG के रोबोट ने बढ़ा दी टेंशन
ह्यूमनॉइड रोबोट का वजन 70 पाउंड यानी करीब 32 किलोग्राम बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वहअपनी इंसानी टीम के साथ सफर पर निकला था। कहा जाता है कि एक इवेंट में परफॉर्म करने के लिए रोबोट को एक शहर से दूसरे शहर ले जाया जा रहा था। एयरपोर्ट पर रोबोट ‘बीबॉप’ (Bebop) ने सुरक्षा अधिकारियों की टेंशन बढ़ा दी।
वह उसे एक यात्री के तौर पर ले जाने की अनुमति नहीं दे सकते थे।
इसकी प्रमुख वजह रोबोट में लगी लिथियम बैटरी थी, जिसकी क्षमता अधिक थी।
विमान कंपनियां बैटरी को लेकर सख्त नियम अपनाती हैं।
100Wh से कम बैटरी को हैंड लगेज में ले जाने की अनुमति होती है।
100Wh से 160Wh बैटरी को भी एयरलाइन की पूर्व अनुमति से ले जाया जा सकता है।
160 Wh से ऊपर की बैटरी विमानों पर पूरी तरह प्रतिबंध है। बीबॉप की बैटरी इसी कैटिगरी में ।
लेखक के बारे में
‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है।
