OnePlus का बड़ा फैसला: अमेरिका-यूरोप में बंद होगा कारोबार, Oppo की नई रणनीति
OnePlus का ग्लोबल प्लान बदला
- Oppo की नई रणनीति के तहत OnePlus के ग्लोबल बिजनेस में बदलाव की तैयारी
OnePlus, जो किफ़ायती दाम वाले एंड्रॉइड स्मार्टफ़ोन की अपनी रेंज की वजह से काफ़ी लोकप्रिय हुआ था, अब US और यूरोप में अपना कामकाज बंद करना शुरू कर देगा। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के अनुसार, यह कदम इसी हफ़्ते उठाया जा सकता है। उस व्यक्ति ने बताया कि यह बदलाव मूल कंपनी Oppo (यानी गुआंगडोंग ओप्पो मोबाइल टेलीकम्युनिकेशंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बड़े रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा है। उन्होंने अपनी पहचान ज़ाहिर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।
Oppo का एक और मोबाइल बिज़नेस, Realme भी चीन के बाज़ार से बाहर हो जाएगा। जहाँ OnePlus चीन में काम करता रहेगा, वहीं 2027 में भारत समेत दुनिया के बाकी हिस्सों में भी इस ब्रांड को बंद करने की योजना है।
Oppo और OnePlus के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
Oppo यह कदम अपने फ़ोन बिज़नेस में आ रही आर्थिक चुनौतियों और US, यूरोप व भारत में उम्मीद के मुताबिक तेज़ी न होने की वजह से उठा रहा है। इसके अलावा, US में चीनी ब्रांड के फ़ोन बेचने से जुड़ी जियोपॉलिटिकल चिंताएँ और ट्रेड सीक्रेट्स को लेकर Apple Inc. का मुक़दमा भी इसमें शामिल है। इन बदलावों के तहत, Oppo सेंट्रल यूरोप और नॉर्डिक क्षेत्र (जिसमें फ़िनलैंड, डेनमार्क, स्वीडन और आइसलैंड शामिल हैं) में Realme डिवाइस बेचने पर ध्यान केंद्रित करेगा। Oppo को वहाँ ज़्यादा सफलता मिली है।
कभी तेज़ी से उभरने वाला और टेक्नोलॉजी फ़ैन्स व Android के शौकीनों का चहेता रहा OnePlus, हाल के वर्षों में स्मार्टफ़ोन बाज़ार में अपनी पकड़ काफ़ी कम कर चुका है। अमेरिका में एप्पल और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी.का बाज़ार पर दबदबा बना हुआ है, जबकि वनप्लस, लेनोवो ग्रुप लिमिटेड के मोटोरोला और अल्फाबेट इंक. के Google जैसे छोटे प्रतिस्पर्धियों से भी काफ़ी पीछे है।
चीन में Oppo का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जहाँ वह बाज़ार की लीडर कंपनियों हुआवेई टेक्नोलॉजीज़ कंपनी और Apple से पीछे है। लेकिन मेमोरी और फ़ोन की बढ़ती कीमतों के कारण स्मार्टफ़ोन की बिक्री में सुस्ती आई है। IDC ने मंगलवार को बताया कि चीन में हैंडसेट की शिपमेंट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में दूसरी तिमाही में 4.3% गिर गई।
पुर्ज़ों की कमी ने भी फ़ोन बनाने वाली कंपनियों के लिए कम कीमत वाले मॉडल बनाना मुश्किल कर दिया है, जो OnePlus की "Nord" रेंज का मुख्य फ़ोकस था। OnePlus के शुरुआती हैंडसेट्स को बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस, साफ़-सुथरे सॉफ़्टवेयर और किफ़ायती कीमत के तालमेल के लिए अच्छे रिव्यू मिले थे। कंपनी के सबसे नए हाई-एंड डिवाइस, OnePlus 15 की US में शुरुआत मुश्किल भरी रही, क्योंकि पिछले साल सरकारी कामकाज बंद होने (शटडाउन) की वजह से इसमें देरी हुई थी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
