पुरी रथ यात्रा : पहंडी अनुष्ठान के साथ भगवान जगन्नाथ की भव्य यात्रा का शुभारंभ
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की गुंडिचा मंदिर तक दिव्य यात्रा लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह
- सुबह की शुरुआत भोग मंडप में धूप अनुष्ठान से हुई
भुवनेश्वर। विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा-2026 के पावन अवसर पर गुरुवार को पुरी श्रीमंदिर (श्री जगन्नाथ मंदिर) में पारंपरिक विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की गुंडिचा मंदिर तक दिव्य यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।
यह भव्य उत्सव सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार, आयोजित किया जा रहा है। रथों के प्रस्थान से पूर्व श्रीमंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जा रहे हैं। सुबह की शुरुआत भोग मंडप में धूप अनुष्ठान से हुई, जिसके बाद देवताओं और रथों की तैयारी से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कर्मकांड किए गए।
रथ यात्रा का प्रमुख आकर्षण ‘पहंडी’ अनुष्ठान है, जिसमें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को गर्भगृह से भव्य शोभायात्रा के रूप में बाहर लाया जाता है। इस दौरान भक्तों के जयकारों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनि के बीच देवताओं को क्रमशः उनके रथों -भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष, भगवान बलभद्र का तालध्वज और देवी सुभद्रा का दर्पदलन -पर विराजमान कराया जाता है।
पहंडी के पश्चात गजपति महाराजा द्वारा ‘छेरा पहंरा’ अनुष्ठान किया जाएगा। इस परंपरा के तहत वे स्वर्ण झाड़ू से रथों की सफाई करते हैं, जो भगवान के प्रति विनम्रता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। सभी अनुष्ठानों के पूर्ण होने के बाद तीनों भव्य रथ श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान के लिए तैयार किए जाएंगे। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन को देखने के लिए लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की उम्मीद है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
