गैर मान्यता विद्यालयों पर कार्यवाही की मांग को लेकर शिक्षकों ने डीएम, बीएसए को सौंपा ज्ञापन
जनगणना मानदेय सहित 7 बिन्दुओं पर सौपा पत्र
बस्ती - उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह तथा जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा के नेतृत्व में सोमवार को शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को विभिन्न मागों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से जनपद में संचालित गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर कार्रवाई, जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों के पारिश्रमिक का भुगतान तथा बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने कहा कि जनपद में बड़ी संख्या में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हो रहे हैं। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इन विद्यालयों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होने के साथ ही परिषदीय विद्यालयों के नामांकन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संगठन ने मांग की कि सभी गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को तत्काल बंद कर उनके संचालकों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए। शिक्षकों ने जनगणना कार्य पूरा कर चुके शिक्षक, शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों के प्रशिक्षण मानदेय और पारिश्रमिक का शीघ्र भुगतान कराने की मांग उठाई। संगठन का कहना है कि कई जनपदों में भुगतान हो चुका है, जबकि बस्ती में अभी तक संबंधित कार्मिकों को धनराशि प्राप्त नहीं हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिए गए ज्ञापन में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर कार्रवाई, नामांकन के नाम पर शिक्षकों को बार-बार नोटिस जारी कर मानसिक उत्पीड़न बंद करने, कंपोजिट ग्रांट से जुड़े अनावश्यक अभिलेखों की मांग समाप्त करने, चयन एवं प्रोन्नति वेतनमान की प्रक्रिया समयबद्ध करने, वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने, टैबलेट सिम की इंटरनेट सेवा बहाल कराने तथा पेयर विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई गई।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर लंबित समस्याओं के कारण शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर प्रभावी कार्रवाई और शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण आवश्यक है। जिला मंत्री ने कहा कि यदि संगठन की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक संघ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और विभाग की होगी। जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव व जिला उपाध्यक्ष रवीश मिश्र ने कहा कि शिक्षकों का समय अनावश्यक नोटिसों और औपचारिकताओं में व्यर्थ किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि शिक्षकों को सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराते हुए उनकी सभी लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से विवेक कांत पाण्डेय, संजय यादव, मंगला मौर्य, सनद पटेल बृजेश त्रिपाठी, सुरेश गौड़, अनिल पाठक, राम भवन यादव, हरेंद्र यादव, विनोद यादव, सुधीर तिवारी, डॉ0 प्रमोद सिंह, अविनाश दूबे, विवेक प्रताप सिंह, गिरजेश सिंह, राम ललित,मोहम्मद असलम, अमित सिंह, मुरलीधर , चंदन श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, जितेंद्र पाण्डेय, रमा शंकर लाल, लक्ष्मन दूबे, शिवरतन, गिरजेश चौधरी, राहुल उपाध्याय, विनोद चौधरी उपस्थित रहे।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
