स्वामी चिदानन्द सरस्वती को ‘विवेकानन्द सेवा सम्मान 2026’ से किया गया सम्मानित

इस समारोह की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी राधेश्याम गोयनका द्वारा की गयी

Published By Harshit
On
Harshit Picture
By Harshit

डा साध्वी भगवती सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, सेवा ही साधना, मानवता ही धर्म : चिदानन्द सरस्वती

कोलकाता। जब संसार सफलता की परिभाषा को सत्ता, सम्पत्ति और प्रसिद्धि में खोज रहा है, तब कुछ महापुरुष ऐसे भी हैं जो सेवा को साधना, करुणा को संस्कृति और मानवता को अपना धर्म मानकर जीवन जीते हैं। ऐसे ही युगद्रष्टा संत, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के परमाध्यक्ष, गंगा एवं मानवता के वैश्विक दूत, स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज को आज कोलकाता के प्रतिष्ठित नेशनल लाइब्रेरी सभागार में आयोजित भव्य समारोह में ‘40वाँ विवेकानन्द सेवा सम्मान 2026’ से अलंकृत किया गया।

यह सम्मान स्वामी को भारतीय संस्कृति एवं सनातन परम्परा के संरक्षण, सांस्कृतिक-आध्यात्मिक चेतना के संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण, मानव कल्याण तथा मानवीय मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने में उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

अन्नपूर्णा योजना की राशि में देरी पर बढ़ा महिलाओं का आक्रोश, मुख्यमंत्री ने मांगे दो महीने ये खबर भी पढ़े : अन्नपूर्णा योजना की राशि में देरी पर बढ़ा महिलाओं का आक्रोश, मुख्यमंत्री ने मांगे दो महीने

समारोह की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी राधेश्याम गोयनका ने की। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार के माननीय पंचायत, ग्रामीण, कृषि एवं पशु संसाधन विकास मंत्री दिलीप घोष , प्रख्यात आयकर सलाहकार सज्जन कुमार तुलस्यान तथा विश्वविख्यात आध्यात्मिक वक्ता एवं मानवतावादी चिंतक डा. साध्वी भगवती सरस्वती की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष ऊँचाई प्रदान की।

समाज सेवी विनोद बागरोडिया ने कहा कि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी एक ऐसी जीवंत चेतना हैं जिन्होंने सनातन संस्कृति को पुस्तकों और मंदिरों की सीमाओं से निकालकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया है। वे दिव्यांग मुक्त भारत अभियान के सूत्रधार, अध्यात्म के शिखर पुरुष, भारतीय संस्कृति एवं सनातन परम्परा के संवाहक हैं, उन्होंने सेवा को दर्शन बनाया, करुणा को अभियान बनाया और अध्यात्म को जन-आन्दोलन का स्वरूप प्रदान किया। 

आज जब विश्व विभाजन, हिंसा, पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव और मूल्यहीनता की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब स्वामी का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो उठता है कि मानवता की रक्षा और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व ही सच्ची सेवा है।” यही कारण है कि गंगा संरक्षण से लेकर जल, जंगल और जमीन की रक्षा तक, महिला सशक्तिकरण से लेकर युवाओं के चरित्र निर्माण तक और अंतरधार्मिक सद्भाव से लेकर वैश्विक शांति तक, उनके प्रयासों ने विश्व स्तर पर नई प्रेरणा दी है।

विशेष रूप से ‘दिव्यांग मुक्त भारत अभियान’ के माध्यम से हजारों-हजारों दिव्यांगजनों के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रकाश पहुँचा है। स्वामी ने समाज को यह दृष्टि दी कि किसी व्यक्ति को उसकी अक्षमता से नहीं, बल्कि उसके भीतर निहित दिव्यता और क्षमता से पहचाना जाना चाहिए। यह दृष्टिकोण केवल सेवा नहीं, बल्कि सनातन दर्शन का जीवंत स्वरूप है, जो प्रत्येक जीव में ईश्वर के दर्शन करता है।

समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने स्वामी विवेकानन्द और स्वामी चिदानन्द सरस्वती के जीवन-दर्शन की अद्भुत समानताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों महापुरुषों ने अध्यात्म को समाज-सेवा से जोड़ा। स्वामी विवेकानन्द ने जिस “दरिद्र नारायण सेवा” का आह्वान किया था, स्वामी चिदानन्द सरस्वती आज उसी भावना को आधुनिक युग में वैश्विक स्तर पर साकार कर रहे हैं।

डा. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि स्वामीजी का सम्पूर्ण जीवन इस सत्य का प्रमाण है कि वास्तविक अध्यात्म पलायन नहीं, बल्कि करुणा के साथ समाज के बीच उतरकर सेवा करना है। उन्होंने कहा कि स्वामीजी ने अनेकों लोगों को यह अनुभव कराया है कि जब हृदय में करुणा जागती है, तब सेवा स्वयं साधना बन जाती है। ‘विवेकानन्द सेवा सम्मान 2026’ सम्मान उस सनातन जीवन-दृष्टि का अभिनंदन है जो कहती है “नर सेवा ही नारायण सेवा है, मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है और सेवा ही सर्वोच्च साधना है।”

आज का यह सम्मान सम्पूर्ण सनातन समाज, सेवा-पथ पर चलने वाले प्रत्येक कर्मयोगी और उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का संदेश है जो मानते हैं कि संसार को बदलने की शक्ति उपदेशों में नहीं, बल्कि निःस्वार्थ सेवा, प्रेम, करुणा और समर्पण में निहित है। सेवा से समाज बदलता है, समर्पण से संस्कृतियाँ जीवित रहती हैं और संतों के जीवन से युगों को दिशा मिलती है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती का यह सम्मान उसी दिव्य परम्परा का गौरवपूर्ण अभिनंदन है।

लेखक के बारे में

Harshit Picture

हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

नवीनतम

शिवपुरीः नरवर किले की 400 साल पुरानी तोप चोरी मामले में गार्डों की झूठी कहानी बेनकाब

शिवपुरी। मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से 16वीं शताब्दी की करीब 3,500 किलोग्राम वजनी दुर्लभ तोप...
राष्ट्रीय  मध्य प्रदेश 
शिवपुरीः नरवर किले की 400 साल पुरानी तोप चोरी मामले में गार्डों की झूठी कहानी बेनकाब

जामुड़िया की स्टील फैक्ट्री में फर्नेस ब्लास्ट, चार श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे

पश्चिम बर्दवान। पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया इंडस्ट्रियल एरिया के शेखपुर स्थित कैलस्टार स्पंज लिमिटेड में शुक्रवार रात करीब साढ़े...
पश्चिम बंगाल 
जामुड़िया की स्टील फैक्ट्री में फर्नेस ब्लास्ट, चार श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे

लगातार वर्षा और जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त, तमलुक का डीआई कार्यालय जलमग्न

मेदिनीपुर। पूर्व मेदिनीपुर जिले के तमलुक स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआई) कार्यालय में लगातार वर्षा और खराब जलनिकासी व्यवस्था के...
पश्चिम बंगाल 
लगातार वर्षा और जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त, तमलुक का डीआई कार्यालय जलमग्न

देश के पहले निजी उपग्रह का प्रक्षेपण आज, श्रीहरिकोटा का सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र बनेगा साक्षी

श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)। देश में पहली बार निजी कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस आज अपने स्वदेशी उपग्रह का प्रक्षेपण करने जा रही...
राष्ट्रीय  राज्य 
देश के पहले निजी उपग्रह का प्रक्षेपण आज, श्रीहरिकोटा का सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र बनेगा साक्षी

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा युद्ध का खतरा, ईरान-अमेरिका के ताजा हमलों से खाड़ी में तनाव

तेहरान/वाशिंगटन। ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य युद्ध के मैदान में तबदील हो चुका है। अमेरिका और ईरान के मध्य छिड़ी...
अंतर्राष्ट्रीय 
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा युद्ध का खतरा, ईरान-अमेरिका के ताजा हमलों से खाड़ी में तनाव

उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आज बुलंदशहर, अमरोहा और संभल के दौरे पर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बुलंदशहर, अमरोहा और संभल के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार,...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
मुख्यमंत्री योगी आज बुलंदशहर, अमरोहा और संभल के दौरे पर

पनकी धाम रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राष्ट्र को समर्पित

कानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित पनकी...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
पनकी धाम रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राष्ट्र को समर्पित

संभावित बाढ़-2026: डीएम ने दिए सख्त निर्देश, बोले- 'जीरो कैजुअल्टी' के साथ हों तैयारियां

बाराबंकी। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संभावित बाढ़-2026 की तैयारियों को लेकर आपदा प्रबंधन की...
उत्तर प्रदेश 
संभावित बाढ़-2026: डीएम ने दिए सख्त निर्देश, बोले- 'जीरो कैजुअल्टी' के साथ हों तैयारियां

प्रधानमंत्री ने किया विंध्याचल अमृत भारत स्टेशन का लोकार्पण

मीरजापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देशभर में भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, यात्री सुविधाओं के विस्तार और नई रेल...
राज्य  उत्तर प्रदेश 
 प्रधानमंत्री ने किया विंध्याचल अमृत भारत स्टेशन का लोकार्पण