घुसपैठ पर लगेगा लगाम, ‘चिकन नेक’ पर अमित शाह का मंथन

सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर अमित शाह ने की बैठक

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  • घुसपैठ रोकने काे बनेगा त्रिस्तरीय सुरक्षा तंत्र

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर में स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘चिकन नेक’ यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सिलीगुड़ी में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने, घुसपैठ पर पूरी तरह रोक लगाने तथा सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अलावा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में ‘त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड’ के तहत समन्वित निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। शाह ने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर बंगाल की सीमाओं से किसी भी तरह की घुसपैठ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह संकरा भू-भाग देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। ऐसे में इस क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार विशेष सतर्कता बरत रही है।

बैठक में सीमा पर जल्द से जल्द बाड़ लगाने का काम पूरा करने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए आधुनिक तकनीक से लैस त्रिस्तरीय सुरक्षा और स्मार्ट बाड़ लगाने की योजना पर चर्चा हुई। एसएसबी को सीमा पर निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में कई लोगों की गिरफ्तारी और उत्तर बंगाल से संदिग्ध गतिविधियों के सामने आने के बाद सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल के रास्ते भारत में नेटवर्क तैयार करने की साजिश से जुड़ी खुफिया सूचनाओं ने भी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को और मजबूत करने पर केंद्र का विशेष जोर है।

सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई है। राज्य सरकार के सत्ता में आने के बाद शुरुआती 45 दिनों में सुरक्षा बलों को 1,129 एकड़ जमीन हस्तांतरित किए जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा 29 एकड़ जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी चल रही है। इससे सीमा पर बाड़ लगाने का काम तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है।

इससे एक दिन पहले शुक्रवार को अमित शाह ने सिलीगुड़ी के रानीडांगा स्थित एसएसबी के उत्तर बंगाल फ्रंटियर मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस दौरान करीब 189 करोड़ की लागत वाली कई प्रशासनिक, आवासीय और तकनीकी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।

सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य में 10 नए सीमा चौकियां बनाने की घोषणा भी की गई है। इनमें से दो चौकियां उत्तर बंगाल में स्थापित की जाएंगी। माना जा रहा है कि इन कदमों के जरिए केंद्र सरकार का मुख्य लक्ष्य सिलीगुड़ी कॉरिडोर को घुसपैठ और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से पूरी तरह सुरक्षित करना है। 

लेखक के बारे में

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हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

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