प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस पर स्वामी चिदानन्द का आह्वान, कपड़े के थैले अपनाने की अपील

पर्यटकों और श्रद्धालुओं को यूज एंड थ्रो नहीं यूज एंड ग्रो का दिया संदेश

Published By Harshit
On
Harshit Picture
By Harshit

कपड़े का थैला केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि पृथ्वी के प्रति प्रेम, गंगा के प्रति श्रद्धा और मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक: चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश। विश्व प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने आह्वान किया कि आज पृथ्वी केवल जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण या कचरे के संकट से नहीं जूझ रही है, बल्कि मानव की उपभोगवादी मानसिकता के कारण अपनी करुण पुकार व्यक्त कर रही है। यह दिवस केवल प्लास्टिक बैग छोड़ने का अभियान नहीं, बल्कि अपनी जीवनशैली, सोच और संस्कृति का पुनर्मूल्यांकन करने का अवसर भी है।

आज विश्व प्रतिवर्ष लगभग 40 करोड़ टन प्लास्टिक का उत्पादन कर रहा है, जिसका एक बड़ा भाग केवल एक बार उपयोग के बाद कचरे में बदल जाता है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के अनुसार, हर वर्ष लगभग 1.1 से 1.4 करोड़ टन प्लास्टिक समुद्रों में पहुँचकर जलीय जीवन और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए गंभीर संकट उत्पन्न कर रहा है।  विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो वर्ष 2050 तक समुद्रों में मछलियों से अधिक प्लास्टिक हो सकता है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि प्लास्टिक अब केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि माइक्रोप्लास्टिक के रूप में हवा, जल, भोजन, नमक, शहद, मानव रक्त, फेफड़ों और यहाँ तक कि गर्भनाल में भी पहुँच चुका है। यह बढ़ता प्रदूषण कैंसर, हार्मोनल असंतुलन, हृदय रोग, प्रजनन संबंधी समस्याओं तथा प्रतिरक्षा तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव जैसी गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों को जन्म दे रहा है।

अलर्ट! निहंग देहरादून आ रहे: मची खलबली ये खबर भी पढ़े : अलर्ट! निहंग देहरादून आ रहे: मची खलबली

WhatsApp Image 2026-07-03 at 20.52.22

महाकुम्भ 2025 में परमार्थ निकेतन शिविर से प्लास्टिक मुक्त कुम्भ मेला को लेकर अनेक प्रयोग किये गये। महाकुम्भ में आये वाले श्रद्धालुओं को कपड़े के थैले वितरित किये ताकि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम से कम हो और इसके परिणाम भी अद्भुत थे। झोला आन्दोलन का प्रभाव व्यापक और सफल रहा। मेरी थाली मेरा थैला कुम्भ कभी न होगा मैला, इस स्लोगन से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने लगभग, 15 लाख थालियों का पर परमार्थ निकेतन ने थैले का वितरण किया और इसे अपार सफलता मिली।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा, हमारी नदियाँ प्लास्टिक से भर रही हैं, ऐसे में केवल जल प्रदूषित नहीं होता, बल्कि हमारी संवेदनाएँ भी प्रदूषित हो रही हैं। एक साधारण-सा दिखने वाला प्लास्टिक बैग कुछ मिनटों की सुविधा देता है, लेकिन उसका दुष्प्रभाव दशकों तक पृथ्वी पर बना रहता है। यही प्लास्टिक नालियों को जाम करता है, नदियों को प्रदूषित करता है, खेतों की उर्वरता को प्रभावित करता है, समुद्रों में पहुँचकर जलीय जीवन को नष्ट करता है और अंततः सूक्ष्म प्लास्टिक (माइक्रोप्लास्टिक) के रूप में हमारे भोजन, जल, वायु और शरीर तक पहुँच जाता है। यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का संकट है।

स्वामी ने कहा कि सनातन संस्कृति हमें उपभोग नहीं, उपयोग का संदेश देती है, संग्रह नहीं, संयम का मार्ग दिखाती है, और प्रकृति पर अधिकार नहीं, उसके साथ आत्मीय सह-अस्तित्व का दर्शन कराती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में यही धर्म कि धरती को बचाए, जल को निर्मल बनाए, वायु को शुद्ध रखे और प्रत्येक जीव के जीवन की रक्षा करे। यदि हमारी पूजा के बाद प्लास्टिक नदी में पहुँच जाए, तो हमें अपनी पूजा की पवित्रता पर भी विचार करना होगा क्योंकि बंदगी व गंदगी साथ साथ नहीं जा सकते।

स्वामी ने कहा कि आज आवश्यकता केवल सरकारी नीतियों की नहीं, बल्कि व्यक्तिगत संकल्पों की है। जब हम अपने घर से निकले तो कपड़े का थैला साथ लेकर चले। जब प्रत्येक परिवार प्लास्टिक की जगह प्रकृति-अनुकूल विकल्प अपनाए, जब प्रत्येक विद्यालय अपने विद्यार्थियों में पर्यावरणीय संस्कार विकसित करेगा और जब प्रत्येक धार्मिक स्थल प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था का आदर्श बनेगा, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होगा।

स्वामी जी ने उद्योग जगत, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, नगर निकायों, धार्मिक संस्थाओं और नीति-निर्माताओं से आग्रह किया कि वे प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े, जूट, बाँस और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। ऐसा विकास ही स्थायी है जो पृथ्वी को सुरक्षित रखे।

कपड़े का थैला केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि पृथ्वी के प्रति प्रेम, गंगा के प्रति श्रद्धा और मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। प्रकृति को बचाना किसी एक संस्था का कार्य नहीं, यह हम सबका साझा धर्म, साझा दायित्व और साझा भविष्य है।

संबंधित खबरें

लेखक के बारे में

Harshit Picture

हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।

नवीनतम

तीन पीढ़ियों से न्याय की मिसाल: माथुर परिवार की वकालत की 76 वर्षों से अधिक की गौरवशाली विरासत

      बदायूं। शहर में यदि वकालत की समृद्ध परंपरा और न्याय के प्रति समर्पण की बात की जाए तो माथुर परिवार...
उत्तर प्रदेश 
तीन पीढ़ियों से न्याय की मिसाल: माथुर परिवार की वकालत की 76 वर्षों से अधिक की गौरवशाली विरासत

कार्यकर्ताओं के उत्साह और जनता के समर्थन से फिर खिलेगा कमल : नितिन नवीन

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027...
उत्तर प्रदेश 
कार्यकर्ताओं के उत्साह और जनता के समर्थन से फिर खिलेगा कमल : नितिन नवीन

भाजपा ने लखनऊ से किया चुनावी अभियान का शंखनाद, रोड शो में दिखी संगठन की ताकत

एयरपोर्ट से प्रदेश मुख्यालय तक 18 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो
उत्तर प्रदेश 
भाजपा ने लखनऊ से किया चुनावी अभियान का शंखनाद, रोड शो में दिखी संगठन की ताकत

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम में चिदानन्द सरस्वती बने विशेष आकर्षण

आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा रचित ‘मेरा सन्यासी’ कृति का हुआ लोकार्पण
राष्ट्रीय 
आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम में चिदानन्द सरस्वती बने विशेष आकर्षण

आम महोत्सव-2026 के दूसरे दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तकनीकी सत्र सम्पन्न

योगी सरकार की पहल, विपणन, प्रसंस्करण और निर्यात से किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर
उत्तर प्रदेश 
आम महोत्सव-2026 के दूसरे दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तकनीकी सत्र सम्पन्न

उत्तर प्रदेश

तीन पीढ़ियों से न्याय की मिसाल: माथुर परिवार की वकालत की 76 वर्षों से अधिक की गौरवशाली विरासत

      बदायूं। शहर में यदि वकालत की समृद्ध परंपरा और न्याय के प्रति समर्पण की बात की जाए तो माथुर परिवार...
उत्तर प्रदेश 
तीन पीढ़ियों से न्याय की मिसाल: माथुर परिवार की वकालत की 76 वर्षों से अधिक की गौरवशाली विरासत

कार्यकर्ताओं के उत्साह और जनता के समर्थन से फिर खिलेगा कमल : नितिन नवीन

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को भरोसा जताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027...
उत्तर प्रदेश 
कार्यकर्ताओं के उत्साह और जनता के समर्थन से फिर खिलेगा कमल : नितिन नवीन

भाजपा ने लखनऊ से किया चुनावी अभियान का शंखनाद, रोड शो में दिखी संगठन की ताकत

एयरपोर्ट से प्रदेश मुख्यालय तक 18 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो
उत्तर प्रदेश 
भाजपा ने लखनऊ से किया चुनावी अभियान का शंखनाद, रोड शो में दिखी संगठन की ताकत

आम महोत्सव-2026 के दूसरे दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तकनीकी सत्र सम्पन्न

योगी सरकार की पहल, विपणन, प्रसंस्करण और निर्यात से किसानों की आय दोगुनी करने पर जोर
उत्तर प्रदेश 
आम महोत्सव-2026 के दूसरे दिन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तकनीकी सत्र सम्पन्न