राजधानी में लिव-इन पर रह रहीं दो छात्राएं , पुलिस ने किया अभिभावकाें को सुपुर्द
देहरादून । उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े एक एक धर्म विशेष के मामले में पुलिस ने दो छात्राओं को उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के तहत लिव-इन संबंधों के पंजीकरण संबंधी प्रावधानों के आधार पर की गई है।
पुलिस के अनुसार देहरादून स्थित प्रेमनगर क्षेत्र में उत्तराखंड बीएफ आईटी इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत कुछ छात्राओं के लिव-इन रिलेशनशिप में रहने की सूचना मिली। जब संबंधित युवतियों से लिव-इन रिलेशनशिप के संबंध में पंजीकरण एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, ताे वे प्रस्तुत नहीं कर पायीं।
इसके बाद यूसीसी के प्रावधानों के अनुरूप इन छात्राओं के अभिभावकों को सूचना दी गई। अभिभावकों के देहरादून पहुंचने पर दोनों छात्राओं को उनके सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में कुछ युवकों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
देहरादून उत्तराखंड बीएफ आईटी इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी की तीन लड़कियां, जिनमें से एक चमोली, एक पौड़ी और एक हल्द्वानी की है और जो देहरादून में बीटेक कर रही हैं। ये तीन मुसलमान लड़कों के साथ लिविंग रिलेशनशिप में रहते हुए पायी गईं। आरोप है कि इन दो लड़कियों का मुस्लिम लड़के धर्मांतरण करा जा चुके हैं। उनके फोन में इनकी हजारों अश्लील वीडियो बुरका और हिजाब पहने हुए वीडियो और उनके कमरे में आपत्तिजनक सामान भी मिला है।
इस मामले को हिंदुत्ववादी संगठनों ने पकड़ा और प्रेम नगर पुलिस थाने को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस ने दोनों लड़कियों के बात सुनने समझने के बाद अभिभावकों को सूचित किया।
लड़कियों ने बताया कि वो लिव इन में रह रही थीं। पुलिस अधिकारियों ने उनसे पंजीकरण और अन्य दस्तावेज मांगे, जिन्हें नहीं दिखाने पर उनके अभिभावकों को यूसीसी नियमों के तहत सूचना दी गई। अभिभावकों के देहरादून पहुंचने पर दोनों लड़कियों को उनके मां बाप के सुपुर्द कर दिया गया। जबकि आरोपित मुस्लिम युवकों आकिब ,कबीर एक अन्य को पुलिस ने हिरासत में ले लिया ,पुलिस ने पीजी स्वामी के खिलाफ भी चलानी कार्रवाई की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से मिली सूचना के बाद पुलिस ने वहां पहुंच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में लागू यूसीसी के तहत लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है और निर्धारित परिस्थितियों में संबंधित पक्षों के अभिभावकों को सूचना देने का भी प्रावधान है।
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
