याेगी सरकार की 'वेस्ट टू वेल्थ' मुहिम, कानपुर के गांवों में कचरा बना कमाई का जरिया

-32 लाख रुपए का सरकारी निवेश, मशीनों से कचरे का वैज्ञानिक समाधान-23.5 टन प्लास्टिक वेस्ट का निस्तारण

Published By Shishir Patel
On
Shishir Patel Picture

10 विकासखंडों को मिली गंदगी से मुक्ति-2.50 लाख रुपए का स्वच्छता शुल्क कलेक्शन, पंचायतों ने पेश किया आत्मनिर्भरता का मॉडल

कानपुर। प्रदेश सरकार का लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। कचरा प्रबंधन को आय से जोड़ने का यह मॉडल न केवल स्वच्छता सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि पंचायतों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत कर रहा है। यह पहल उत्तर प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

यह बातें रविवार को कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कही। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों की सूरत बदलने के लिए तकनीक और प्रबंधन पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत कानपुर नगर के बिधनू विकास खंड की ग्राम पंचायत रमईपुर और बिल्हौर विकास खंड (तहसील परिसर के पास स्थित ग्रामीण क्लस्टर) में स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट ने कचरा प्रबंधन की नई राह दिखाई है। यहाँ स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट न केवल गांवों को गंदगी से मुक्त कर रही हैं, बल्कि पंचायतों के लिए आय का एक मजबूत जरिया भी बन गई हैं।

स्व. विनोद कुमार गुप्ता की तीसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा व भंडारे का आयोजन ये खबर भी पढ़े : स्व. विनोद कुमार गुप्ता की तीसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा व भंडारे का आयोजन

योगी सरकार ने करीब 16-16 लाख रुपये की लागत से इन आधुनिक केंद्रों को स्थापित किया है। पहले जिन गांवों की नालियां प्लास्टिक के कारण जाम रहती थीं और सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे रहते थे, वहां अब वैज्ञानिक तरीके से कचरे का निस्तारण हो रहा है। इन यूनिट्स में फटका, बेलिंग और श्रेडिंग जैसी आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं, जो कचरे को उपयोगी कच्चे माल में बदल देती हैं।

बहुचर्चित जौनपुर खाद्यान्न घोटाला: 21 साल बाद EOW के हत्थे चढ़ा कोटेदार ये खबर भी पढ़े : बहुचर्चित जौनपुर खाद्यान्न घोटाला: 21 साल बाद EOW के हत्थे चढ़ा कोटेदार

इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी इसका विशाल नेटवर्क है। रमईपुर यूनिट को सरसौल, घाटमपुर, भीतरगांव, पतारा और बिधनू विकासखंडों से जोड़ा गया है। वहीं, बिल्हौर देहात यूनिट कल्याणपुर, चौबेपुर, शिवराजपुर, बिल्हौर और ककवन की ग्राम पंचायतों का प्लास्टिक प्रबंधन संभाल रही है। आरआरसी सेंटर और प्लास्टिक मुक्त अभियानों के माध्यम से गली-गली से अपशिष्ट एकत्र कर इन यूनिटों तक पहुंचाया जाता है।

अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण: जिलाधिकारी ने माइनिंग कमांड सेंटर का किया निरीक्षण ये खबर भी पढ़े : अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण: जिलाधिकारी ने माइनिंग कमांड सेंटर का किया निरीक्षण

प्रशासनिक सक्रियता का नतीजा है कि मार्च 2026 तक रमईपुर में 12 टन और बिल्हौर देहात में 11.50 टन प्लास्टिक अपशिष्ट का निस्तारण किया जा चुका है। प्रोसेस किए गए इस प्लास्टिक को रीसाइक्लिंग और को-प्रोसेसिंग के लिए भेजा जा रहा है। स्थानीय कबाड़ी नेटवर्क के साथ भी बेहतर तालमेल बिठाया गया है ताकि कचरे का अधिकतम मूल्य मिल सके। यह मॉडल केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है। अब तक बिल्हौर क्षेत्र की यूनिट ने 48,000 रुपए और रमईपुर ने 30,000 रुपए की धनराशि सीधे अपने ओएसआर खाते में जमा की है। यह वह शुद्ध लाभ है जो प्रोसेस किए हुए कचरे को बेचने से प्राप्त हुआ है।

डोर-टू-डोर कलेक्शन और जैविक खाद से बढ़ी आय

पंचायतों की आत्मनिर्भरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घरों और दुकानों से वसूले जाने वाले स्वच्छता शुल्क के माध्यम से अब तक करीब 2,50,000 रुपए की आय अर्जित की जा चुकी है। इससे सफाई व्यवस्था का दैनिक खर्च अब पंचायतें खुद वहन कर रही हैं। इसके साथ ही गीले कचरे के निस्तारण के लिए वर्मी कम्पोस्ट और नाडेप पद्धति अपनाई गई है। तैयार खाद 15 से 20 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा रही है। अकेले रमईपुर में अब तक 2000 किलोग्राम से अधिक वर्मी कम्पोस्ट तैयार कर 25,000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त की गई है।

जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि हमने विभिन्न विकासखंडों को इस एकीकृत प्रणाली से जोड़ा है, जिससे कचरा प्रबंधन बेहद प्रभावी हो गया है। स्थानीय नेटवर्क और बेहतर समन्वय की वजह से हम कचरे का सही मूल्य प्राप्त कर रहे हैं, जिसका सीधा लाभ पंचायतों के विकास कोष में जा रहा है।

संबंधित खबरें

लेखक के बारे में

Shishir Patel Picture

पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।

नवीनतम

मौसम 28 जून: देश के 16 राज्यों आंधी-भारी बारिश का अलर्ट, 80 की स्पीड से हवा

नई दिल्ली। मौसम 28 जून: देश के कई राज्यों में जहां एक ओर भीषण गर्मी पड़ रही है, वहीं दूसरी...
राष्ट्रीय 
मौसम 28 जून: देश के 16 राज्यों आंधी-भारी बारिश का अलर्ट, 80 की स्पीड से हवा

आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में मौसम ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन

भारत और आयरलैंड : भारतीय टीम को आयरलैंड के खिलाफ 2 मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला बेलफास्ट के...
खेल 
आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में मौसम ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन

आज का राशिफल 28 जून 2026 : दिन आपके लिए ऊर्जावान और निर्णायक रहने वाला 

  मेष कोई सुखद आश्चर्य मिल सकता है。 करियर के मामले में दिन प्रगतिशील है। किसी भी विवाद में पड़ने से...
धर्म-आध्यात्म 
आज का राशिफल 28 जून 2026 : दिन आपके लिए ऊर्जावान और निर्णायक रहने वाला 

उत्तर प्रदेश

तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

कौशाम्बी। जिले के सिराथू तहसील के ग्राम सभा थोन में तालाब की भूमि पर कथित अवैध निर्माण को लेकर ग्रामीणों...
उत्तर प्रदेश 
तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

दवा प्रतिनिधियों की निजता के हनन और गैर-जरूरी मॉनिटरिंग पर रोक लगाने के लिए UPMSRA ने IMA सचिव को सौंपा ज्ञापन

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन (UPMSRA) अलीगढ़ इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA)...
उत्तर प्रदेश 
दवा प्रतिनिधियों की निजता के हनन और गैर-जरूरी मॉनिटरिंग पर रोक लगाने के लिए UPMSRA ने IMA सचिव को सौंपा ज्ञापन