मेथी बीज डालने से पहले जरूर करें ये काम
मेथी की खेती : बाजार से खरीदी गई मेथी की जगह अगर आपको अपने गमले से ताजी पत्तियां तोड़कर सीधे खाना बनाने में इस्तेमाल करने को मिलें, तो बात ही अलग है.
आजकल घर की बालकनी या छोटी-सी जगह में सब्जियां उगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में अगर आप भी बिना ज्यादा मेहनत के घर पर ताजी मेथी उगाना चाहते हैं, तो यह काम काफी आसान है. बाजार से खरीदी गई मेथी की जगह अगर आपको अपने गमले से ताजी पत्तियां तोड़कर सीधे खाना बनाने में इस्तेमाल करने को मिलें, तो बात ही अलग है. मेथी को उगाने के लिए बड़े बगीचे या बहुत बड़े गमले की जरूरत नहीं होती है. इसकी जड़ें ज्यादा गहरी नहीं जातीं और पौधा भी तेजी से बढ़ता है. मिट्टी में बीज डालने के करीब 18 से 25 दिनों में मेथी कटाई के लिए तैयार हो सकती है. हालांकि, बीज बोने से पहले उन्हें सही तरीके से तैयार करना जरूरी है. ऐसे में आइए जानते हैं कि गमले में मेथी उगानी है तो बीज डालने से पहले क्या काम जरूर करें.
मेथी की जड़ें ज्यादा गहराई तक नहीं जाती हैं, इसलिए इसके लिए 6 से 8 इंच गहरा और चौड़ा गमला, ट्रे या ग्रो बैग पर्याप्त है. बर्तन के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होने चाहिए. मिट्टी ढीली और पानी की अच्छी निकासी वाली होनी चाहिए. इसके लिए सामान्य मिट्टी, ऑर्गेनिक खाद यानी गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट और रेत या कोकोपीट मिलाकर मिट्टी तैयार की जा सकती है.
मेथी उगाने के लिए घर में इस्तेमाल होने वाले सामान्य मेथी दानों का इस्तेमाल किया जा सकता है. बीजों को सीधे मिट्टी में डालने की जगह पहले उन्हें साफ करके 6 से 8 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. इससे बीज थोड़े फूल जाएंगे और बोने के लिए तैयार हो जाएंगे. बीजों को पहले भिगोना उनकी जल्दी ग्रोथ में मदद करता है.
तैयार गमले में मिट्टी भरकर उसकी सतह को हल्का समतल कर लें. अब भीगे हुए मेथी के बीजों को मिट्टी की सतह पर समान रूप से बिखेर दें. इसके बाद बीजों के ऊपर करीब आधा सेंटीमीटर मिट्टी की पतली परत डालें. बीजों को बहुत गहराई में न दबाएं. आखिर में स्प्रे बोतल या हल्के हाथ से पानी दें, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहे और बीज अपनी जगह से न हिलें.
मेथी के पौधों को रोजाना करीब 4 से 5 घंटे की हल्की धूप चाहिए. बालकनी में ऐसी जगह रखना बेहतर है, जहां सुबह की धूप आती हो. मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखें, लेकिन पानी जमा न होने दें. ज्यादा पानी से बीज या पौधे खराब हो सकते हैं. सही देखभाल मिलने पर करीब 3 से 4 दिनों में छोटे हरे अंकुर दिखाई देने लगते हैं.
मेथी करीब 18 से 25 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो सकती है. जब पौधे 3 से 4 इंच के हो जाएं और उनकी पत्तियां अच्छी तरह विकसित हो जाएं, तब कटाई की जा सकती है. मेथी को जड़ समेत न उखाड़ें. कैंची या चाकू से मिट्टी की सतह से 2 से 3 सेंटीमीटर ऊपर पत्तियों को काटें. जड़ को मिट्टी में छोड़ने पर पौधा कुछ दिनों बाद फिर बढ़ सकता है और दोबारा ताजी मेथी मिल सकती है.
मेथी की सूखी पत्तियों को कसूरी मेथी कहा जाता है, जिसका इस्तेमाल पनीर बटर मसाला जैसी रिच करी में किया जाता है. इसे बाजार से खरीदने के अलावा घर पर भी बनाया जा सकता है. इसके लिए ताजी मेथी की पत्तियों के डंठल हटाकर उन्हें सुखाया जा सकता है. इस तरह गमले में उगी ताजी मेथी का इस्तेमाल सब्जी, दाल, पराठे, करी और दूसरी कई डिशेज में किया जा सकता है.
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
