स्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर डीजीपी द्वारा किया गया ध्वजारोहण
‘Zero Tolerance’ यूपी पुलिस की कार्यसंस्कृति का हिस्सा, स्मार्ट और टेक्नोलॉजी आधारित पुलिसिंग पर जोर
लखनऊ। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने शनिवार को तिलक मार्ग स्थित कैंप कार्यालय और पुलिस मुख्यालय, गोमतीनगर विस्तार में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा उत्कृष्ट एवं वीरतापूर्ण सेवाओं के लिए पुलिसकर्मियों को पदकों और प्रशंसा चिन्हों से सम्मानित किया।
अपने संबोधन में डीजीपी राजीव कृष्ण ने एसटीएफ के दिवंगत निरीक्षक सुनील कुमार को मरणोपरांत कीर्ति चक्र और गैलेण्ट्री मेडल से सम्मानित किए जाने को उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि सुनील कुमार ने अदम्य वीरता और कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान दिया।
डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में स्थापित ‘Zero Tolerance’ नीति अब उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यसंस्कृति का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि Citizen First Policing, Trust Based Policing और Technology Driven Policing को आगे बढ़ाना है।
राजीव कृष्ण ने कहा कि बदलते अपराध के स्वरूप के साथ पुलिसिंग में भी बदलाव जरूरी है। उत्तर प्रदेश पुलिस को Traditional Policing से आगे बढ़कर Smart Policing, Predictive Policing और Intelligent Policing की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने Artificial Intelligence, Data Analytics, Cyber Intelligence, Digital Investigation और Drone Technology को वर्तमान समय की अनिवार्यता बताया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में भर्ती हुए 60,244 आरक्षियों के प्रशिक्षण में Simulation आधारित अभ्यास, Hybrid Learning Model, Digital Classroom और AI समर्थित प्रशिक्षण का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी की आधुनिक पुलिस फोर्स तैयार करना है।
‘वन्दे मातरम्’ को बताया कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक
डीजीपी ने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ की 150 वर्ष की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल गाया नहीं जाता, बल्कि जिया जाता है। उन्होंने कहा कि जब कोई पुलिसकर्मी पीड़ित की रक्षा करता है, बेटियों को सुरक्षा देता है और रातभर जागकर समाज को सुरक्षित रखता है, तो उसका प्रत्येक कार्य ‘वन्दे मातरम्’ की सशक्त अभिव्यक्ति बन जाता है।
उन्होंने पुलिसकर्मियों के परिजनों के त्याग, धैर्य और सहयोग को पुलिस बल की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए पुलिस परिवार को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। साथ ही सभी से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने और घरों पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया।
पुलिसकर्मियों को पदकों से किया सम्मानित
स्वतंत्रता दिवस समारोह में वर्ष 2025 में गैलेण्ट्री मेडल प्राप्त पांच पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीरता के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। इनमें डीआईजी अजय कुमार साहनी, निरीक्षक दिनेश चन्द्र, निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह चौहान, उपनिरीक्षक मनोज कुमार और उपनिरीक्षक अक्षय परवीर कुमार त्यागी शामिल हैं।
इसके अलावा उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह, सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह और डीजीपी प्रशंसा चिन्ह प्लेटिनम, गोल्ड एवं रजत से भी पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाली 09वीं वाहिनी पीएसी मुरादाबाद की उपनिरीक्षक अस्मिता डे को डीजीपी के विशेषाधिकार से प्रशंसा चिन्ह गोल्ड प्रदान किया गया।
डीजीपी ने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी साकार होगा, जब देश की पुलिस व्यवस्था भी विश्व की सर्वश्रेष्ठ पुलिस व्यवस्थाओं में शामिल होगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस को देश का सबसे विश्वसनीय, आधुनिक, संवेदनशील और पेशेवर पुलिस बल बनाने को लक्ष्य बताया।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
