गोंडा में विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़े का शुभारंभ: 'इतनी भी क्या जल्दी है?!!!'
'देश बदलेगा जब मर्द बदलेगा' अभियान का शुभारंभ
- विकास खंडों के 150 ग्रामों में जनजागरूकता अभियान संचालित के प्रचार-प्रसार वैन को मिली हरी झंडी
गोंडा। विश्व जनसंख्या दिवस पखवाड़ा के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया एवं मोबियस फाउंडेशन के सहयोग से संचालित 'उम्मीद परियोजना' के तहत डिस्ट्रिक्ट वर्किंग ग्रुप की बैठक जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्राम्य विकास तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
बैठक के दौरान सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार (SBCC) अभियान इतनी भी क्या जल्दी है? तथा पुरुष सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'देश बदलेगा जब मर्द बदलेगा' अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सही उम्र में विवाह, प्रथम गर्भधारण में उचित विलंब, दो बच्चों के जन्म के बीच पर्याप्त अंतराल तथा आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली के सही उपयोग जैसे विषयों पर आधारित जनजागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। साथ ही परिवार नियोजन एवं मातृ स्वास्थ्य पर आधारित लघु फिल्में एवं जिंगल्स भी जारी किए गए।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कहा कि परिवार नियोजन स्वस्थ परिवार, सुरक्षित मातृत्व और समग्र सामाजिक विकास का आधार है। उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए परिवार कल्याण संबंधी संदेशों के व्यापक प्रचार-प्रसार का संकल्प दिलाया।
मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद ने कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण एवं परिवार कल्याण के लक्ष्यों की प्राप्ति सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने ग्राम स्तर तक सही जानकारी, परामर्श एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने जनपद के तीन चयनित विकास खंडों के 150 ग्रामों में जनजागरूकता अभियान संचालित करने हेतु मोबाइल प्रचार-प्रसार वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जुलाई से सितंबर 2026 तक यह वैन चयनित गांवों में परिवार नियोजन एवं मातृ स्वास्थ्य संबंधी लघु फिल्मों का प्रदर्शन, जिंगल्स का प्रसारण, सूचना सामग्री का वितरण तथा सामुदायिक जागरूकता गतिविधियों का संचालन करेगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संत लाल पटेल ने बताया कि अभियान के तहत तैयार जनसंचार सामग्री का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया एवं मोबाइल वैन के माध्यम से किया जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से परिवार नियोजन साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी तथा प्रशिक्षित काउंसलरों द्वारा योग्य लाभार्थियों को परामर्श सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि जनसहभागिता बढ़ाने के लिए फिल्म प्रदर्शन के दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि बलबीर सिंह ने 'उम्मीद परियोजना' की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण परिवार कल्याण सेवाओं को सुदृढ़ करना, परिवार नियोजन परामर्श सेवाओं का विस्तार करना तथा अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की क्षमता वृद्धि करना है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (आरसीएच) डॉ. चंदरेश कुमार वर्मा ने परिवार नियोजन कार्यक्रम में समुदाय आधारित कार्यकर्ताओं एवं ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं मोबियस फाउंडेशन के प्रतिनिधि प्रभात कुमार ने सीमित संसाधनों एवं बदलती पर्यावरणीय परिस्थितियों में संतुलित एवं स्वस्थ परिवार की अवधारणा को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
