अज्ञात वाहनों पर प्रहार, ‘ऑपरेशन कवच’ से सहमे शातिर डग्गामार!
सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने तेज किया प्रवर्तन चेकिंग अभियान
रवि गुप्ता
- परिवहन आयुक्त के निर्देश पर एडिशनल इनफोर्समेंट की टीम ने बनायी खास रणनीति
- पूर्वांचल से पश्चिम तक रचा चक्रव्यूह, सोनभद्र, गोरखपुर से लखनऊ व बुंदेलखंड तक कवर
लखनऊ। प्रहार, कवच, अज्ञात...हैरान मत होइये, ये किसी बड़े फिल्मी पर्दे पर रिलीज होने वाली कोई मूवी का नाम नहीं है, यह रील सिनेमा से इतर और थोड़ा हटकर रियल सोसायटी में रहने वाले आम जनमानस के दैनिक परिवहन साधनों में इस्तेमाल होने वाले ऐसे अनधिकृत वाहनों के खिलाफ चलाये जाने वाले प्रवर्तन चेकिंग अभियानों के नाम हैं, जिनका नामकरण सूबे के परिवहन विभाग मुख्यालय की टीम ने किया है।
बता दें कि अभी गत दो दिनों तक लखनऊ सहित आसपास के जनपदों और कुछ पश्चिम और झांसी क्षेत्र में ऑपरेशन कवच के नाम से परिवहन की प्रवर्तन टीमों ने ताबड़तोड़ सड़कों और हाईवे पर चेकिंग कार्रवाई का अंजाम दिया जिसका नतीजा रहा कि तकरीबन 150 ऐसे छोटे और बड़े पैसेंजर वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गयी। इस बारे में तरूणमित्र टीम से बातचीत में अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन केडी सिंह गौर ने जानकारी देते हुए बताया कि परिवहन आयुक्त के निर्देश पर पिछले कुछ दिनों से सड़क सुरक्षा को लेकर हमारी प्रवर्तन टीमों ने चेकिंग अभियान को और धार देने का काम किया है।
रोजाना क्रमवार एक शेड्यूल बनाकर अलग अलग टीमों को विभिन्न सड़क मार्गों और हाईवे से लेकर एक्स्प्रेस वे पर लगाया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार से अनधिकृत वाहनों के संचालन पर ब्रेक लगाया जा सके। साथ ही हर खासोआम को रोड सेफ्टी की अहमियत, उसकी सहूलियत और राहत के बारे में बताते हुए निरंतर जनजागरुकता अभियान भी जारी रहे।
वहीं विभागीय जानकारी के तहत मुख्यालय के इनफोर्समेंट विंग के फैलाये ऑपरेशन कवच की जाल में एक से एक बड़ी मछलियां फंसी जिनमें हाईएंड ऐसी स्लीपर बसें भी शामिल रहीं, जोकि सीधे तौर पर परमिट शर्तों की अनदेखी करती पायी गयीं और यही नहीं कई ऐसी बसों में तो यात्रियों से कहीं ज्यादा दिल्ली आदि देश के बड़े मार्केटों से आने जाने वाले दैनिक चीजों की खेप भी बड़ी मात्रा में पकड़ी गयी।
ऐसे में व्यापक पैमाने पर कहीं न कहीं जीएसटी कर चोरी भी प्रमुखता के साथ दिखा और इसीलिये उक्त प्रवर्तन अभियान में परिवहन विभाग ने पुलिस व राज्य कर विभाग की एसआईबी विंग के साथ भी तालमेल बनाकर रखा है।
उपरोक्त नामकरण से चलने वाले ये सभी परिवहन प्रवर्तन अभियान पूर्वांचल के मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, गोरखपुर जैसी सीमावर्ती जनपदों से होते हुए पश्चिम में नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ के अलावा बुंदेलखड व झांसी रेंज में चलेंगे जोकि अवैध खनन से जुड़ी गतिविधियों का गढ़ माना जाता है।
बालू-मौरंग माफियाओं व स्लीपर बस मालिकों में मची खलबली...!
विभागीय जानकारों का मानना है कि परिवहन विभाग ने जिस अंदाज में अबकी बार चौतरफा चेकिंग अभियान का जो चक्रव्यूह बनाया है, वो कहीं न कहीं बालू मौरंग माफियाओं व अनधिकृत तौर पर दौड़ रहीं स्लीपर बस मालिकों के माथे पर पसीने छुड़ाकर रहेगा।
बताया जा रहा कि अभी तक खास रणनीति के तहत ऑपरेशन कवच का पहला दौर चला है, इसके बाद आगे ऑपरेशन अज्ञात को अंजाम दिया जायेगा जिसके तहत विशेषकर उन बड़े चक्कों वाले वाहनों की धरपकड़ की जायेगी जोकि भारी मात्रा में बालू मौरंग, सरिया गिट्टी व अन्य प्रकार के माल आदि ओवरलोड करते हुए अपने गाड़ियों के नंबर प्लेटों को बीच रास्ते बदलते रहते हैं, या फिर उसमें कुछ नंबर को छिपा देते हैं जिससे वो रडार में न आ सके। इसी प्रकार ऑपरेशन प्रहार को भी चलाया जायेगा जिसके तहत हाईएंड स्लीपर बसों को टारगेट किया जायेगा जो सीधे तौर पर आम यात्रियों के जान माल से जुड़े होते हैं।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
