सीएसआर निधि से शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास को मिले प्राथमिकता : डीएम
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी समिति की बैठक
रामनाथ सिंह
बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने अधिकारियों को सीएसआर निधि का अधिकतम उपयोग जनहित और विकास कार्यों में सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों एवं कंपनियों को अपनी सीएसआर निधि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और पेयजल जैसी प्राथमिकता वाली योजनाओं में करने के लिए प्रेरित किया जाए। इससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा सकेगा।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि ऐसे विकास कार्यों की सूची तैयार करें, जिन्हें सीएसआर के माध्यम से कराया जा सकता है, और कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।
डीएम ने कहा कि सभी सीएसआर परियोजनाओं का चयन एवं क्रियान्वयन सीएसआर नियम-2024 के अनुरूप किया जाए। प्रत्येक प्रस्ताव और व्यय में पूर्ण पारदर्शिता, गुणवत्ता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही कंपनियां अपनी सीएसआर योजनाओं की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सीएसआर निधि का उपयोग अधिक से अधिक जनहितकारी एवं स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में किया जाए, ताकि आमजन को दीर्घकालिक लाभ मिल सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, उपायुक्त उद्योग अमित कुमार, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा उद्योग एवं व्यापार बंधु के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
