अंबेडकरनगर में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर बैठक, होंगे विविध कार्यक्रम
डीएम ईशा प्रिया की अध्यक्षता में हुई बैठक, प्रभात फेरी के साथ शुरू होंगे देशभक्ति और जागरूकता कार्यक्रम
अम्बेडकरनगर । विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम 15 अगस्त 2026 को समारोह पूर्वक बनाए जाने के संबंध में कार्यक्रम की रूपरेखा के निर्धारण हेतु जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में दिनांक 11 अगस्त को अपराह्न में बैठक संपन्न हुई।जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने बताया कि जनपद में शासन के निर्देश के क्रम में दिनांक 15 अगस्त, 2026 स्वतंत्रता के के अवसर पर विविध कार्यक्रम उत्सव के रूप में आयोजित किए जाएंगे।
उन्होने बताया कि 15 अगस्त को प्रातः 07.00 बजे क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम अकबरपुर से प्रभात फेरी प्रारम्भ होकर अकबरपुर नगर के समस्त शैक्षणिक संस्थाओं के छात्र-छात्रांए अपने-अपने वैण्ड बाजे के साथ एवं गणमान्य नागरिकों सहित निकालेंगे जो प्रातः 07ः30 बजे डा० राम मनोहर लोहिया चौक शहजादपुर पहुंचेंगे। इसी प्रकार जनपद के सभी विद्यालयों से प्रभातफेरियां निकाली जायेगी। प्रभात फेरी में झण्डा गीत, राष्ट्रभक्ति गीत, स्वच्छता का स्लोगन, पर्यावरण का स्लोगन, प्रतिबंधित पालीथीन का उपयोग न करने एवं वृक्षारोपण से सम्बन्धित जागरूकता के सम्बन्ध में प्रचार किया जायेगा। प्रभात फेरी के समय यातायात व्यवस्था क्षेत्राधिकारी (पुलिस) अकबरपुर एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था मुख्य चिकित्साधिकारी अम्बेडकरनगर द्वारा किया जायेगा।
इसके उपरान्त 07ः30 बजे प्रातः गणमान्य नागरिकों एवं अधिकारियों द्वारा डा० राम मनोहर लोहिया की मूर्ति (चौक शहजादपुर), श्री गाॅधी आश्रम अकबरपुर में गाँधी जी की मूर्ति पर, सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति (पटेल नगर तिराहे पर) एवं डा० भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति (कलेक्ट्रेट के सामने) पर माल्यार्पण किया जायेगा।
08ः00 बजे प्रातः सभी सरकारी/गैर सरकारी कार्यालयों/संस्थाओं पर उनके कार्यालयाध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहण एवं सामूहिक राष्ट्रगान का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, राष्ट्रीय ध्वज में गुलाब की पंखुड़ियां बांधकर ध्वजारोहण किया जायेगा। इस दौरान ब्लाक, तहसील तथा जनपद स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में अधिक से अधिक किसान, मजदूर छात्र, युवा आदि नागरिकों को सम्मिलित किया जायेगा तथा समस्त सरकारी/गैर सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, वाणिज्यिक /औद्योगिक प्रतिष्ठान आदि खुले रहेंगें तथा इन स्थलों पर खादी निर्मित राष्ट्रध्वज सम्मानपूर्वक फहराया जायेगा।
8ः05 बजे प्रातः सभी सरकारी/गैर सरकारी कार्यालयों /संस्थाओं के कार्यालयाध्यक्षों द्वारा ध्वजारोहण के पश्चात गोष्ठी का आयोजन किया जाय, जिसमें राष्ट्रीय तिरंगा झण्डे के महत्व, देशभक्तों तथा अमर बलिदानियों तथा सभी समाज के महापुरुषों (जिनके द्वारा एकता, आर्थिक सद्भाव, भाईचारे व इन्सानियत पर बल दिया गया है) के कृत्यो का स्मरण, धर्मनिरपेक्षता की मूल अवधारणाओं, पंचायती राज व्यवस्था के उद्देश्यों, प्रदूषण एंव जनसंख्या विस्फोट, समाज के कमजोर वर्गों की महिलाओं के साथ सामाजिक न्याय, शासकीय प्रतिबद्धताओं तथा देशभक्तों के प्रेरक प्रसंग दोहराये जायें। वृक्षों का, व्यक्ति एंव समाज के लिए महत्व पर प्रकाश डाला जायेगा। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा ग्रामीण जीवन में गुणात्मक सुधार लाने के लिए व शहरों में आमलोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से चलायी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा किया जायेगा। इसी के साथ समस्त शिक्षण संस्थाओं में इस अवसर पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किये जायेगें, जिसमें राष्ट्रगान “जन-गण-मन“ का सामूहिक गायन भी सम्मिलित होगा। विद्यार्थियों को देश के लिये शहीद हुए ज्ञात-अज्ञात स्थानीय देशभक्तों के जीवन के प्रेरक प्रसंग दोहराए जायेगें, देशप्रेम की भावना जागृत करने वाले नाटक आदि प्रतियोगिताएं आयोजित करायी जायेगी।
इस अवसर पर खेल विभाग द्वारा निर्देशों के अनुसार एकलव्य स्टेडियम में 10-10 ओवर का क्रिकेट मैच भी आयोजित कराया जाएगा।15 अगस्त, 2025 के अवसर पर समस्त कार्यालयाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने कार्यालय प्रांगण में वृक्षारोपण का कार्यक्रम प्रभावी रूप से किया जायेगा।
बैठक में अवगत कराया गया कि अपरान्ह में परम्परागत रूप से किसी सार्वजनिक स्थान पर जनसभा का आयोजन किया जायेगा, जिसमें- स्वाधीनता की वर्षगांठ पर जन साधारण को यह याद दिलाया जायगो कि हमारे अनगिनत देशभक्तों तथा अमर बलिदानों ने जीवन भर संघर्ष करके राजनीतिक स्वाधीनता हासिल की एवं उसकी रक्षा करते हुए आर्थिक व सामाजिक स्वाधीनता लाने का दायित्व विशेष तौर पर नई पीढ़ी पर है।
राष्ट्रीय स्वाभिमान और गौरव के प्रतीक “राष्ट्रीय ध्वज“ के महत्व के बारे में आमजन को बताया जाए। वरिष्ठ सहित्यकारों/लेखकों/गीतकारों को आजादी की लड़ाई, तिरंगा की यात्रा के बारे में लेख लिखने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। पंथ-निरपेक्षता की मूल अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए लोगो को प्रेरणा दी जाय कि राष्ट्र और समाज का निर्माण प्रेम, सद्भावना, मेल-जोल एवं एक-दूसरे के धर्म, जाति, विचारों व महापुरूषों का आदर करने से होता है।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
