लोन देने के नाम पर मोबाइल फोन को एक्सेस कर बनाते थे अश्लील फोटो
वायरल करने की धमकी देकर करते थे धन उगाही,4 गिरफ्तार
बस्ती - प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बृजानन्द सिंह मय टीम व प्रभारी साइबर सेल उ0नि0 शेषनाथ गोंड मय टीम द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम व प्रतिबिम्ब पोर्टल की जांच के क्रम में मुखबिर की सूचना पर दिनांक 27.08.2026 को धोबी घाट अमहट से अन्तर्राज्यीय साइबर अपराध करने वाले गिरोह के 04 अभियुक्तो (निखिल सिंह पुत्र इन्द्रजीत सिंह उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम मनिकारपुर थाना हरैया जनपद बस्ती ,गौरव सिंह पुत्र श्री शिवकुमार सिंह उम्र 18 वर्ष निवासी ग्राम पिकौरा थाना पैकोलिया जनपद बस्ती,अफरोज पुत्र मुहम्मद जहिर उम्र 19 वर्ष निवासी पिकौरा थाना पैकोलिया जनपद बस्ती,प्रद्युम्न चौरसिया पुत्र शिवपूजन उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम कलवारी मुस्तकहम जनपद बस्ती) को 07 अदद मोबाइल फोन, 07 अदद नये फर्जी सिम कार्ड व 03 अदद मोटरसाइकिल के साथ पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 372/2026 धारा 318(4), 319(2), 308(2), 351(2), 61(2) बीएनएस व 66सी, 66डी आई0टी0 एक्ट व 42(3)ई टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही प्रचलित है ।
अभियुक्तों द्वारा मुख्यतः Whatsapp व टेलीग्राम के माध्यम आसान तरीके से लोन देने का लिंक भेज कर उनके मोबाइल फोन की गैलरी व कॉन्टैक्ट लिस्ट का एक्सेस प्राप्त कर, अश्लील फोटो बनाकर फर्जी सिम के माध्यम से वायरल करने की धमकी देकर धन उगाही करते हैं। अब तक की जांच से महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, झारखण्ड, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, आन्ध्र प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में Nccrp पोर्टल पर कुल 12 शिकायतें दर्ज करायी जा चुकी हैं तथा सभी शिकायतों में लोन के नाम पर अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर जबरन 35725 रूपये वसूली की गयी है । तथा उपरोक्त सभी शिकायतों में प्रयुक्त मोबाइल नम्बर सिम विक्रेता प्रदुम चौरसिया द्वारा उपलब्ध कराया गया है और सभी मोबाइल का प्रयोग साइबर ठगी में अभियुक्तगणों द्वारा किया गया है। अभियुक्तगणों द्वारा बताया गया है कि अबतक हम लोगों के गिरोह द्वारा 12-15 लाख रूपयों तक की जबरन वसूली की जा चुकी है।
अभियुक्तों ने पूछताछ पर बताया कि काफी समय से हम लोग फर्जी सिम का प्रयोग करके साइबर अपराध करते है। हम लोग फोन करके लोगों को लोन देने के नाम पर उनके फोन की गैलरी व कान्टैक्ट लिस्ट का एक्सेस लेकर पिक्सआर्ट ऐप के माध्यम से उनकी फोटो को एडिट करके अश्लील बनाकर वायरल करने की धमकी देकर रूपयों की जबरन वसूली करते हैं। अपनी पहचान छिपाने के लिये किसी दूसरे के नाम पते के फर्जी सिम का प्रयोग करते है, जिससे हम लोग पकड़े न जायें। जब हम लोग एक सिम नम्बर से साइबर अपराध करते हैं तब उसपर शिकायत होने के कारण सिम बन्द हो जाता है इसलिये हम लोगों को बहुत अधिक सिमकार्ड की आवश्यकता पड़ती है। आज भी हम लोग फर्जी सिम खरीदने के लिये ही यहां आये थे और हम लोगों का साथी सिम विक्रेता प्रद्युम चौरसिया हम लोगों को यहां पर सिम देने के लिये बुलाये थे । इसके पहले भी प्रद्युम्न से 30 से 40 सिमकार्ड हम लोगों को बेच चुका है। सिमकार्ड के लिये हम लोग प्रद्युम को मुंह मांगा दाम देते हैं ।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
