फर्जी दस्तावेजों से FASTag बनाकर टोल टैक्स से बचने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और 4,230 रुपये नकद बरामद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी वाहन नंबर और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर FASTag बनाकर टोल टैक्स और ऑनलाइन चालान से बचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी 22 जुलाई को लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे से की गई। दोनों आरोपी थाना सरोजनी नगर में दर्ज मुकदमे में वांछित थे। मामले की विवेचना अब एसटीएफ कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनन्त राम राठौर निवासी ग्राम नेवादा बरूआ, थाना खैराबाद, जनपद सीतापुर तथा नकीब खान निवासी टकपुरवा, थाना खैराबाद, जनपद सीतापुर के रूप में हुई है। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और 4,230 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के अनुसार, दोनों आरोपियों ने फर्जी वाहन नंबर और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर इंडसइंड बैंक के माध्यम से FASTag जारी कराए थे। इन FASTag का उपयोग अलग-अलग वाहनों पर किया जा रहा था, जिससे टोल प्लाजा पर वास्तविक वाहन की पहचान छिपी रहती थी और ऑनलाइन चालान से भी बचा जा सकता था।
जांच में पता चला कि वाहन स्वामी रियाज और उसके भाई सिराज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक फर्जी वाहन नंबर के नाम से FASTag बनवाया था। इस FASTag का उपयोग पहले एक वाहन पर किया गया और बाद में दूसरे वाहन पर भी किया जाने लगा। इसके लिए आरोपियों ने वाहन संबंधी कूटरचित दस्तावेज और केवाईसी का इस्तेमाल किया।
पूछताछ में नकीब खान ने बताया कि वह खैराबाद टोल प्लाजा के पास पंचर की दुकान चलाता है। वर्ष 2022 में उसकी मुलाकात अनन्त राम राठौर से हुई, जिसने उसे इंडसइंड बैंक का FASTag एजेंट बनाया। बाद में अधिक पैसे के लालच में दोनों ने मिलकर फर्जी वाहन नंबरों पर FASTag बनाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कई वाहनों के लिए इस तरह के FASTag जारी किए और इसके बदले मिलने वाली राशि आपस में बांट लेते थे।
एसटीएफ का कहना है कि इस तरीके से राष्ट्रीय राजमार्गों के विभिन्न टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को अनुचित लाभ मिलता था और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा था। मामले में बैंक पोर्टल के दुरुपयोग, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एसटीएफ ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
