प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश शासन एवं मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश के क्रम में श्री अन्न (मिलेट्स) के उपभोग के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से स्कूल कैरीकुलम कार्यक्रम के तहत शिक्षकों का विकासखंड स्तरीय प्रशिक्षण शुरू किया गया। 12 से 14 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को मिलेट्स फसलों, उनके उत्पादों तथा स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी लाभों की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों और क्षेत्र के किसानों को भी मिलेट्स के उपयोग के लिए प्रेरित कर सकें।
इसी क्रम में बुधवार को विकासखंड सदर, शिवगढ़ एवं गौरा स्थित बीआरसी केंद्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रत्येक विकासखंड से 50-50 शिक्षकों ने प्रतिभाग कर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों सहित कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलेट्स फसलों की उपयोगिता, उनसे तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों तथा इनके सेवन से होने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे मिलेट्स से संबंधित जानकारी स्वयं अपनाने के साथ विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों तक पहुंचाएं। साथ ही अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों को श्री अन्न की खेती एवं इसके उत्पादों के उपयोग के प्रति जागरूक और प्रेरित करें। प्रशिक्षण में महिला अध्यापकों ने भी मिलेट्स से तैयार किए जाने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों तथा उनके लाभों की जानकारी साझा की।
उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार सिंह ने विकासखंड शिवगढ़ एवं गौरा में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वयं प्रतिभाग किया। उन्होंने शिक्षकों को मिलेट्स के नियमित उपभोग से होने वाले लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के माध्यम से इस अभियान को उनके परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को मिलेट्स अपनाने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए, सुनील कुमार सिंह तकनीकी सलाहकार, जागृति सिंह वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी, नेहा सिंह, राजेन्द्र उपाध्याय, सुरेश कुमार सिंह तथा संबंधित विकासखंड के बीज भंडार प्रभारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उप कृषि निदेशक ने बताया है कि 13 अगस्त को विकास खण्ड मान्धाता, पट्टी, बाबा बेलखरनाथधाम, लालगंज, लक्ष्मणपुर, रामपुर संग्रामगढ़, आसपुर देवसरा, कुंडा एवं बाबागंज के बीआरसी केंद्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।