जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले ने पकड़ा तूल
अनुज को मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के खुजौली चौकी के पास से गिरफ्तार किया गया था
लखनऊ। राजधानी के बिजनौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट) के तहत गिरफ्तार किए गए अभियुक्त अनुज कुमार यादव की जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले ने अब नया तूल पकड़ लिया है। मृतक की पत्नी महक ने माती चौकी प्रभारी अभिराम शुक्ला एवं उनकी टीम पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले में उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, परिजनों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी छेड़छाड़ किए जाने की गंभीर आशंका व्यक्त की है।
परिजनों के अनुसार, अनुज यादव को कल मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली खुजौली चौकी के पास से पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया था। घटना के वक्त मौके पर अनुज के मामा भी मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी मामा का गंभीर आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जैसे ही अनुज को देखा, वे तत्काल उस पर हमलावर हो गए और उसके साथ मारपीट व अभद्रता शुरू कर दी।
मृतक की पत्नी महक का कहना है कि जब पुलिस अनुज को अपनी हिरासत में ले जा रही थी, तब वह पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य थे। ऐसे में गिरफ्तारी के दौरान हुई मारपीट और फिर जेल भेजने के तत्काल बाद अचानक तबीयत बिगड़ना और दम तोड़ देना, पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
परिजनों का कहना है कि अनुज की मृत्यु के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा, लेकिन चश्मदीद के दावों के बाद उन्हें गहरा अंदेशा है कि मामले को दबाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तथ्यों के साथ हेरफेर की जा सकती है। पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि दोषियों को बचाया न जा सके।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
