शिक्षिका नैना आनंद की जहरीला पदार्थ खाने से दर्दनाक मौत, पति को फोन कर कहा था कि वह मर रही हैं
ब्यूरो रिपोर्ट
नैना आनंद दून इंटरनेशनल स्कूल में सामाजिक अध्ययन की शिक्षिका थीं
शाहजहांपुर। नगर में चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हयातपुरा निवासी शिक्षिका नैना आनंद (32) की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। जहरीला पदार्थ खाने से पहले उन्होंने पति को फोन कर कहा था कि वह मर रही हैं। हालांकि, उन्होंने पति को अपनी लोकेशन नहीं बताई। गंभीर हालत में नैना को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
नैना आनंद दून इंटरनेशनल स्कूल में सामाजिक अध्ययन की शिक्षिका थीं। करीब 11 साल पहले उनकी शादी मोहित आनंद से हुई थी। मोहित मसूरी इंटरनेशनल स्कूल में क्लर्क हैं। रविवार को वह किसी काम से बरेली गए थे। परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच नैना ने मोहित को फोन किया। उन्होंने कहा कि वह मर रही हैं, लेकिन जगह नहीं बताई। मोहित ने परिजनों को सूचना दी। जिस पर नैना की तलाश शुरू की गई। काफी देर बाद वह कच्चा कटरा क्षेत्र में मिलीं। वह उल्टी कर रहीं थीं और हालत गंभीर थी। परिजन उन्हें तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
बरेली से पहुंचे पति मोहित और अन्य परिजन शव देखकर बिलख पड़े। नाते-रिश्तेदारों और परिचितों ने उन्हें संभाला। एसपी सिटी देवेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पोस्टमॉर्टम कराएंगे। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। नैना की दोनों बेटियां भी दून इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती हैं। उनकी मौत के बाद बेटियों की जिम्मेदारी अब पिता मोहित पर आ गई है। परिवार में घटना के बाद से मातम है। नैना की मौत के बाद परिजनों ने घटना के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं दी। बताया जा रहा है कि परिवार की एक महिला से उनका विवाद चल रहा था और वह इससे परेशान रहती थीं। हालांकि, आत्मघाती कदम उठाने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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आफ़वां खान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के ब्यूरो प्रमुख हैं। इनकी पत्रकारिता के करीब हर बिन्दुओं पर गहरी पकड़ है।
