गोसाईंगंज। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उपलब्धता एवं दक्षता के आधार पर सतत रोजगार के अवसर सृजित करने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा संचालित बाबा साहब अंबेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक लक्ष्य विकासखंड गोसाईंगंज को प्राप्त हो गया है।
विकासखंड गोसाईंगंज के लिए इस वर्ष कुल छह लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें दो लाभार्थी सामान्य वर्ग तथा चार लाभार्थी अनुसूचित जाति वर्ग से चयनित किए जाएंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है।
योजना के तहत चयनित अनुसूचित जाति अथवा दिव्यांग लाभार्थियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 70 हजार रुपये निर्धारित है। वहीं सामान्य वर्ग अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों को 25 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये है।
योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का ग्रामीण क्षेत्र का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
विकासखंड स्तर पर योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे वे अपनी स्थानीय दक्षता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर रोजगार स्थापित कर सकें।
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।