पावर कार्पोरेशन की ओर से मानक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं : पाण्डेय
— 45 प्रतिशत अनुभवी कर्मचारियों को कार्य से हटा: देवेन्द्र पाण्डेय
लखनऊ। पावर कार्पोरेशन निविदा व संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा बिजली आउटसोर्स कर्मचारी का सभी प्रकार से उत्पीड़न करने के कारण संगठन की ओर से 28 जुलाई को शक्ति भवन लखनऊ पर धरना प्रदर्शन किया गया। लेकिन समस्याओं का समाधान न होने के कारण संगठन द्वारा इको गार्डन सहित प्रदेश के सभी जिलों में धरना प्रदर्शन शुरू किया गया जो गुरूवार को दूसरे दिन भी जारी है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन प्रबन्धन द्वारा अपने ही आदेश का उलंघन कर 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्रो पर तैनात लगभग 45 प्रतिशत अनुभवी कर्मचारियों को कार्य से हटा दिया गया। जिससे कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है, कर्मचारियों कि कमी होने से उपभोक्ताओं को बिजली समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिससे उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है जिसका खामियाजा आउटसोर्स कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
संगठन पदाधिकारी ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा 23 मई 2025 को 33/11 के वी विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन व अनुरक्षण कार्य में कर्मचारियों को तैनात करने के लिए मानक निर्धारित करने के के लिए समिति का गठन किया गया किन्तु 14 माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी पावर कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा अभी तक न तो मानक समिति की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई और ना ही हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस लिया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
