सौगंध मुझे इस मिट्टी की, चट्टानों से लड़ो के बोल से गूंजी शहीद स्मृति वाटिका
कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम में पहुंचे डिप्टी सीएम, नगर विकास मंत्री व महापौर
- बोले पाठक, अटल जी स्वयं सीमा क्षेत्र में पहुंचकर बढ़ाने गये थे सैनिकों का मनोबल
लखनऊ। रविवार को 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर नगर निगम ने कारगिल शहीद स्मृति वाटिका में कारगिल युद्ध के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने एवं शहीद परिवारों, वीर माताओं तथा वीर नारियों के सम्मान में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।
म्युनिसिपल गर्ल्स इंटर कॉलेज, कश्मीरी मोहल्ला द्वारा वन्दे मातरम, मॉडर्न मॉन्टेसरी स्कूल, मॉडल हाउस द्वारा ऐ मेरे वतन के लोगो, मॉडर्न मॉन्टेसरी स्कूल, कश्मीरी मोहल्ला द्वारा सौगंध मुझे इस मिट्टी की तथा अमीनाबाद इंटर कॉलेज द्वारा चट्टानों से लड़ो, आगे बढ़ो की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रभक्ति के भाव से अभिभूत कर दिया।
महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत के गौरव, शौर्य, त्याग और अदम्य साहस का प्रतीक है। कहा कि लखनऊ की धरती ने भी अनेक वीर सपूत देश को दिए हैं तथा शहीद परिवारों, वीर माताओं और वीर नारियों का सम्मान करना हम सभी का सौभाग्य है। कहा कि माननीय रक्षा मंत्री के प्रयासों से आज लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, जो शहर और प्रदेश दोनों के लिए गर्व का विषय है। इस अवसर पर शहीद परिवारों, वीर माताओं एवं वीर नारियों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
जिसमें परमवीर चक्र से सम्मानित अमर शहीद कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय, लांस नायक केवलानंद द्विवेदी एवं रायफलमैन सुनील जंग के परिजन शामिल रहे। सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद राजवीर सिंह, मुकेश चंद्र शर्मा,अरुण कुमार त्रिपाठी, हर्षवर्धन सिंह बिष्ट,रामानंद सिंह, भूपेंद्र मेहरा, शशिकांत यादव,नरेंद्र तिवारी सहित अन्य शहीदों के परिजनों, वीर माताओं और वीर नारियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
मंत्री एके शर्मा ने कहा कि कारगिल जैसी लड़ाइयाँ केवल सीमाओं पर ही नहीं लड़ी जातीं, बल्कि आज देश के भीतर भी अनेक प्रकार की चुनौतियाँ मौजूद हैं। आतंकवादियों, छद्मवेश में छिपे राष्ट्रविरोधी तत्वों तथा समाज में भ्रम फैलाने वाली शक्तियों से सभी नागरिकों को सजग रहने की आवश्यकता है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बोले कि कारगिल युद्ध के दौरान अटल स्वयं सीमा क्षेत्र में पहुँचकर सैनिकों का मनोबल बढ़ाने गए थे। कार्यक्रम में विधायक डॉ. नीरज बोरा, एमएलसी रामचन्द्र प्रधान सहित अन्य नागरिक मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
