रोवर तकनीक से होगा सटीक सीमांकन, भूमि विवाद होंगे कम: सुरेंद्र दिलेर
मोहनलालगंज के करोरवा गांव से आधुनिक हदबरारी प्रणाली का शुभारंभ, किसानों को मिली नई तकनीक की जानकारी
मोहनलालगंज,लखनऊ। भूमि संबंधी विवादों के त्वरित, पारदर्शी और तकनीक आधारित निस्तारण की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। सोमवार को प्रदेश के राजस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेंद्र सिंह दिलेर ने मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के करोरवा गांव में अत्याधुनिक रोवर (Rover) तकनीक के माध्यम से हदबरारी (सीमांकन) प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान गाटा संख्या-1187 में रोवर तकनीक के जरिए भूमि का सीमांकन कर किसानों और ग्रामीणों को नई प्रणाली की कार्यप्रणाली का लाइव प्रदर्शन किया गया।
राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राजस्व विभाग में आधुनिक तकनीकों को तेजी से लागू कर रही है, ताकि वर्षों से चले आ रहे भूमि विवादों का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि रोवर तकनीक के उपयोग से सीमांकन की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय होगी।

इससे किसानों को अपनी भूमि की वास्तविक सीमा की सही जानकारी मिलेगी और पड़ोसी खेतों को लेकर होने वाले विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी।उन्होंने कहा कि परंपरागत सीमांकन प्रणाली में कई बार मानवीय त्रुटियों और विवादों की संभावना बनी रहती थी, लेकिन उपग्रह आधारित रोवर तकनीक के माध्यम से कुछ सेंटीमीटर तक की सटीकता के साथ भूमि की नाप-जोख संभव हो सकेगी।
इससे राजस्व विभाग के कार्यों में भी तेजी आएगी और आमजन को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।उपजिलाधिकारी आकाश सिंह, तहसीलदार रितुराज शुक्ला सहित राजस्व विभाग के अधिकारी, लेखपाल, कानूनगो नजमुद्दीन और बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण उपस्थित रहे।
लाइव प्रदर्शन से किसानों ने समझी तकनीक की कार्यप्रणाली...
कार्यक्रम के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने रोवर उपकरण की सहायता से खेतों की पैमाइश कर उसकी पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि यह उपकरण ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) आधारित तकनीक से संचालित होता है, जिससे भूमि की वास्तविक स्थिति का अत्यंत सटीक निर्धारण किया जाता है। किसानों ने भी इस आधुनिक तकनीक को करीब से देखा और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की।
भूमि विवादों के समाधान में मिलेगी बड़ी राहत...
राजस्व अधिकारियों ने बताया कि रोवर तकनीक लागू होने से सीमांकन के मामलों का निस्तारण अधिक तेजी से होगा। इससे न्यायालयों और राजस्व न्यायालयों में लंबित भूमि विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही किसानों को उनकी भूमि की सही सीमा का प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे भविष्य में विवाद की संभावनाएं काफी हद तक समाप्त होंगी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
