ऐश्वर्य राज के सहारे पूर्वाचंल पर रालोद का फोकस
लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल ने विधान सभा चुनाव के कुछ माह पहले प्रदेश संगठन की कमान युवा नेता एवं बस्ती के राजपरिवार घराने से ऐश्वर्य राज सिंह को सौंप दी है। यह रालोद का यह निर्णय पूर्वांचल को साधने का एक नया प्रयास माना जा रहा है। क्योंकि पार्टी का जनाधार पश्चिम तक ही सीमित है। साथ ही पार्टी द्वारा अब अधिकांशत: पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाता रहा है।
रालोद प्रदेश अध्यक्ष पद से डॉ रामाशीष राय द्वारा त्यागपत्र देने के कुछ ही घंटे में ऐश्वर्य राज सिंह को यह जिम्मेदारी सौंप दी।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने आईटी सेल में काम कर चुके ऐश्वर्य राज को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर न्खास तौर से युवाओं के बीच अहम संदेश दिया है। हालाकि ऐश्वर्य 2017 विधान सभा चुनाव में रालोद के टिकट पर बस्ती से चुनाव लड़े थे लेकिन अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। वह राजघराने से तालुक रखने के साथ ही बीटेक एवं टाटा समूह में 11 साल नौकरी करने के बाद अमेरिका चले गये। वहां से लौटने के बाद 2016 में रालोद का दामन थामा।
पार्टी ने उन्हें यूथ विंग का महासचिव बनाया था। हाल मे उन्हें केन्द्रीय टीम में शामिल करते हुए आर्ठटी सेल की जिम्मेदारी सौंपी थी। वह तकनीकी संपन्न होने के साथ ही युवा चेहरा हैं इन दिनों युवाओं को लेकर एक नई बहस एवं सियासी हवा बह रही है। इसीलिए रालोद ने भी यह प्रयोग किया है। सवाल यह है कि भाजपा इस बार रालोद को कितनी सीटें और किस क्षेत्र में देगी यह भविष्य के गर्भ में हैं। सूत्रों के अनुसार राजग गठबंधन के तहत रालोद को पश्चिमी यूपी में 10 से 12 सीटें मिलने की उम्मीद है। पिछल्ला विधान सभा चुनाव सपा के साथ लड़कर रालोद ने 8 सीटे जीती थी।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
