शिक्षकों को टेट से मुक्त करने की मांग, सौंपा ज्ञापन
लखनऊ। अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त किए जाने तथा सेवा संबंधी अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर राज्य कर्मचारी एसोसिएशन ने शनिवार को जनपद के दोनों सांसदों के प्रतनिधियों को ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हरिशरण मिश्रा ने बताया कि लखनऊ सांसद एव केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह एव मोहनलालगंज सांसद आर.के. चौधरी के प्रतिनिधि को सौपे ये ज्ञापन में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त लाखों शिक्षक उस समय लागू नियमों एवं निर्धारित शैक्षिक योग्यताओं के आधार पर विधिवत नियुक्त हुए थे और अनेक शिक्षक पिछले 15, 20 तथा 30 वर्षों से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे शिक्षकों पर बाद में निर्धारित टेट की अनिवार्यता लागू होने से उनकी सेवा, वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतन, पेंशन एवं भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त करने के लिए संसद से आदेश जारी कराने की मांग की गयी है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम अथवा अन्य उपयुक्त कानून में आवश्यक संशोधन कर पूर्व नियुक्त शिक्षकों को स्पष्ट विधिक संरक्षण प्रदान किया जाए, ताकि प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इस दौरान संगठन के महामंत्री महेंद्र कुमार दीक्षित तथा उपाध्यक्ष देवेश शुक्ला, के.के. मिश्रा एवं सुनील कपूर सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
