बलरामपुर अस्पताल में निदेशक का औचक निरीक्षण
— आधी रात को इमरजेंसी से लेकर सुपर स्पेशलिटी तक परखीं व्यवस्थाएं

लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को और बेहतर करने के उद्देश्य से अस्पताल प्रशासन द्वारा एक सराहनीय एवं नई पहल की शुरुआत की गई है। अस्पताल के प्रमुख निदेशक एवं प्रमुख अध्यक्ष द्वारा देर रात अचानक अस्पताल के विभिन्न वार्डों एवं विभागों का व्यापक निरीक्षण किया गया। रात एक बजे शुरू हुए इस औचक निरीक्षण के दौरान प्रमुख निदेशक ने अस्पताल के एक-एक कोने और व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने प्रमुख विभागों का निरीक्षण किया:
इमरजेंसी एवं आईसीयू: गंभीर मरीजों की देखभाल, वेंटिलेटर व मॉनिटर की कार्यप्रणाली तथा ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति की जांच की गई। न्यू प्राइवेट वार्ड एवं 11 नंबर वार्ड: भर्ती मरीजों से सीधा संवाद कर उनके इलाज, साफ-सफाई और समय पर दवाएं मिलने के संबंध में फीडबैक लिया गया। सुपर स्पेशलिटी एवं वार्ड संख्या 7-8: इन वार्डों में भी जाकर सभी चिकित्सा सुविधाओं, जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता और रात्रि कालीन सेवाओं का बारीक अवलोकन किया गया।
अनुशासन और मुस्तैदी पर विशेष जोर
अस्पताल में यह एक नई परंपरा की शुरुआत मानी जा रही है। आमतौर पर रात्रि में वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण की संभावना कम रहती है , लेकिन प्रमुख निदेशक की ओर कभी रात व सुबह चार बजे भी लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। अधिकारियों की इस सक्रियता से रात्रि ड्यूटी पर तैनात सभी डॉक्टर, नर्स एवं स्वास्थ्य कर्मी पूरी तरह सतर्क व मुस्तैद नज़र आ रहे हैं।
कमियों पर कड़ा रुख और व्यवस्था सुधार पर फोकस
निरीक्षण के दौरान जहां भी छोटी-मोटी कमियां पाई गईं, निदेशक ने उन्हें तुरंत नोट कराया और उन पर कड़ा संज्ञान लिया। उनका पूरा ध्यान अस्पताल की हर व्यवस्था को चाक-चौबंद करने तथा किसी भी मरीज को रात के समय इलाज में असुविधा न होने देने पर केंद्रित है। कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों एवं कर्मचारियों को सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
मरीजों के हित में उठाया गया कदम
अस्पताल प्रशासन का निर्देश है कि मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देर रात के इन औचक निरीक्षणों से न केवल स्टाफ में अनुशासन बढ़ा है, बल्कि अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों में भी सुरक्षा और बेहतर इलाज का विश्वास मजबूत हुआ है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
