जेरियाट्रिक, मनोरोग व जेरियाट्रिक आईसीयू मरीजों को राहत
— केजीएमयू में एचआरएफ दवा काउंटर का शुभारंभ
— अब दवाओं के लिए निजी मेडिकल स्टोरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे

लखनऊ। जेरियाट्रिक एवं मनोरोग मरीजों को अब दवाओं के लिए अस्पताल से बाहर चौक और निजी मेडिकल स्टोरों तक नहीं जाना पड़ेगा। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ,केजीएमयू में इस लंबे समय से महसूस की जा रही आवश्यकता को पूरा करते हुए कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने जेरियाट्रिक मेंटल हेल्थ एवं मनोरोग विभाग तथा जेरियाट्रिक आईसीयू के लिए समर्पित हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड ,एचआरएफ दवा काउंटर का उद्घाटन किया।
अब तक जेरियाट्रिक एवं मनोरोग विभाग के आसपास दवाओं की कोई भी दवा दुकान उपलब्ध नहीं थी। परिणामस्वरूप मरीजों एवं उनके परिजनों को चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाएं खरीदने के लिए अस्पताल परिसर से बाहर चौक क्षेत्र और अन्य निजी मेडिकल स्टोरों तक जाना पड़ता था। विशेष रूप से बुजुर्ग एवं मानसिक रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए यह काफी असुविधाजनक, समय लेने वाला तथा आर्थिक रूप से बोझिल था।
नए एचआरएफ दवा काउंटर की स्थापना से अब मरीजों को अस्पताल परिसर में ही गुणवत्तापूर्ण, प्रमाणित एवं रियायती दरों पर दवाएं उपलब्ध होंगी। प्रतिदिन लगभग एक हजार मरीज जेरियाट्रिक एवं मनोरोग ओपीडी में उपचार हेतु आते हैं, जबकि बड़ी संख्या में फॉलो-अप मरीज भी नियमित रूप से यहां परामर्श लेने पहुंचते हैं। यह सुविधा शीघ्र प्रारंभ होने वाली जेरियाट्रिक आईसीयू के मरीजों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी, जहां आवश्यक जीवनरक्षक एवं अन्य महत्वपूर्ण दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि मरीजों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती दवाएं उपलब्ध कराना विश्वविद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि एचआरएफ सेवाओं का निरंतर विस्तार मरीजों को बेहतर एवं सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एचआरएफ के अध्यक्ष प्रो. कुमार शांतनु ने कहा,
एचआरएफ का उद्देश्य प्रत्येक मरीज को अस्पताल परिसर में ही गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती दवाएं उपलब्ध कराना है। जेरियाट्रिक एवं मनोरोग के अधिकांश मरीजों को लंबे समय तक नियमित दवाओं की आवश्यकता होती है। अब उन्हें दवाओं के लिए अस्पताल से बाहर चौक या अन्य निजी मेडिकल स्टोरों पर नहीं जाना पड़ेगा। यह काउंटर समय, धन और अनावश्यक भागदौड़ की बचत करेगा तथा आगामी जेरियाट्रिक आईसीयू के मरीजों को भी निर्बाध दवा उपलब्ध कराएगा।
एचआरएफ के फैकल्टी इंचार्ज प्रो.बलेन्द्र पी. सिंह ने कहा
इस काउंटर की स्थापना मरीजों की वास्तविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की गई है। हमारा प्रयास है कि आवश्यक दवाएं लगातार उपलब्ध रहें ताकि किसी भी मरीज को अस्पताल से बाहर जाकर दवा खरीदने की आवश्यकता न पड़े। इसके उपचार की निरंतरता, मरीजों की सुविधा तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। ”
एचआरएफ के मीडिया इंचार्ज प्रो. के.के. सिंह ने कहा,
केजीएमयू का एचआरएफ लगातार अपनी सेवाओं का विस्तार कर रहा है ताकि प्रत्येक मरीज को अस्पताल परिसर में ही उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित दवाएं उपलब्ध हो सकें। जेरियाट्रिक एवं मनोरोग विभाग के लिए यह नया एचआरएफ काउंटर रोगी हित में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और आगामी जेरियाट्रिक आईसीयू को भी इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।” इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ चिकित्सकों, विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों, एचआरएफ अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की तथा इस पहल को बुजुर्ग एवं मनोरोग मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और रोगी-केंद्रित पहल बताया।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
