ऑर्थोपेडिक सोसायटी ने निकाली साइक्लोथॉन
— आमजन को हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक
— 50 ऑर्थोपेडिक सर्जनों व सदस्यों ने लिया उत्साहपूर्वक भाग

लखनऊ। राष्ट्रीय अस्थि एवं जोड़ दिवस के अवसर पर लखनऊ ऑर्थोपेडिक सोसाइटी की ओर से गुरुवार को जनेश्वर मिश्र पार्क, में एक साइक्लोथॉन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा नियमित व्यायाम एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
इस साइक्लोथॉन में लखनऊ ऑर्थोपेडिक सोसायटी के लगभग 50 ऑर्थोपेडिक सर्जनों एवं सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने साइकिल यात्रा के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया कि नियमित शारीरिक गतिविधि, साइकिल चलाना, पैदल चलना, संतुलित एवं कैल्शियम युक्त आहार, पर्याप्त विटामिन-डी तथा उचित वजन बनाए रखने से हड्डियों एवं जोड़ों से संबंधित अनेक बीमारियों, विशेषकर ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं ऑस्टियोपोरोसिस, से बचाव किया जा सकता है।

लखनऊ ऑर्थोपेडिक सोसायटी के सचिव डॉ. संजीव कुमार एवं अध्यक्ष डॉ. सुब मल्होत्रा ने किया। इस अवसर पर डॉ. उत्तम गर्ग, डॉ. भल्ला, डॉ. रमीश कुमार, डॉ. रवि खन्ना, डॉ. एस. के. गुप्ता सहित लखनऊ के अनेक वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित ऑर्थोपेडिक सर्जनों ने भाग लेकर जनसामान्य को हड्डियों एवं जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
इस अवसर पर डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि स्वस्थ हड्डियों एवं जोड़ों के लिए नियमित व्यायाम, सक्रिय जीवनशैली तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जोड़ों के दर्द या चलने-फिरने में किसी भी प्रकार की परेशानी को नजरअंदाज न करें तथा समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें। कार्यक्रम को आमजन का उत्साहजनक सहयोग एवं सराहना प्राप्त हुई। यह साइक्लोथॉन सफलतापूर्वक संपन्न हुई और इसके माध्यम से लखनऊ ऑर्थोपेडिक सोसायटी ने समाज में अस्थि एवं जोड़ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
