मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अयोध्या मंडल में रिकॉर्ड जोड़ों का बसा घर
-अयोध्या मंडल में हजारों नवदंपतियों को मिला सरकारी सहयोग
अयोध्या मंडल में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 4,893 जोड़ों का हुआ विवाह, 47.67 करोड़ रुपये की सहायता
सामाजिक सरोकार की मिसाल बना आयोजन, हजारों जरूरतमंद जोड़ों को मिला जीवनसाथी का साथ
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अयोध्या मंडल में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रिकॉर्ड 4,893 जरूरतमंद जोड़ों का वैवाहिक समारोह संपन्न हुआ।
इन समारोहों में सरकार द्वारा कुल 47.47 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि व्यय की गई, जिससे हजारों नवदंपतियों को नया घर बसाने में मदद मिली।
अयोध्या मंडल के पांच जनपदों
अम्बेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी और सुल्तानपुर में यह योजना सफलतापूर्वक लागू हुई। योजना के अंतर्गत निर्धारित कुल लक्ष्य 4,893 वैवाहिक जोड़ों का था, जिसके सापेक्ष लगभग शत-प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।
प्राप्त धनराशि 47.67 करोड़ रुपये के मुकाबले 47.47 करोड़ रुपये का व्यय किया गया।जनपदवार आंकड़ों के अनुसार सुल्तानपुर में सबसे अधिक 2,008 जोड़ों का विवाह हुआ, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति के 1,583, अन्य पिछड़ा वर्ग के 388, अल्पसंख्यक के 14 और सामान्य जाति के 23 जोड़े शामिल थे।
अयोध्या जनपद में 1,088 जोड़ों का समारोह संपन्न हुआ (अनुसूचित जाति/जनजाति 664, ओबीसी 400, अल्पसंख्यक 5, सामान्य 19)।अम्बेडकरनगर में 722, बाराबंकी में 767 और अमेठी में 308 जोड़ों ने इस योजना का लाभ उठाया।
कुल मिलाकर अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के 3,707, अन्य पिछड़ा वर्ग के 1,088, अल्पसंख्यक के 40 और सामान्य जाति के 58 जोड़ों का विवाह कराया गया।
सामूहिक विवाह समारोहों में स्थानीय प्रशासन, समाजसेवी संगठनों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिससे पूरा माहौल उत्सवपूर्ण और गरिमामय बना।
बिना किसी आर्थिक बोझ के विवाह का मिला अवसर
यह आयोजन मात्र एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार और सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण बना। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवक-युवतियों को बिना किसी आर्थिक बोझ के विवाह का अवसर मिला।
मौजूदा वित्तीय वर्ष में 3,805 जोड़ों का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में जून 2026 माह के आंकड़ों से स्पष्ट है कि नए वित्तीय वर्ष के लिए मंडल को कुल 3,805 जोड़ों का लक्ष्य दिया गया है और 9.39 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है।
हालांकि जून माह में व्यय शून्य रहा, क्योंकि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में विलंब हुआ। बाराबंकी जनपद के विशेष संदर्भ में स्पष्ट है कि टेंडर प्रक्रिया जुलाई 2026 के प्रारंभ में पूर्ण हो गई। इसके बाद 8 और 10 जुलाई को 429 जोड़ों का विवाह संपन्न हो चुका हैं।
सामाजिक समरसता की मिसाल
अयोध्या मंडल में हजारों नवदंपतियों को जीवनसाथी का साथ मिलने से सामाजिक स्थिरता और परिवार व्यवस्था को बल मिला है।
योजना के अंतर्गत जाति-धर्म से ऊपर उठकर सभी वर्गों के जोड़ों को समान अवसर उपलब्ध कराया गया, जो सामाजिक समरसता की मिसाल है।
ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को मिले योजना का लाभ
उपनिदेशक समाज कल्याण अयोध्या मंडल राकेश रमन ने बताया कि योजना की सफलता का मुख्य कारण जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी, समय पर धनराशि की उपलब्धता और लाभार्थियों की सही पहचान रही।
आगामी महीनों में भी इसी गति से कार्य जारी रखने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
इस तरह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अयोध्या मंडल में सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। 4,893 जोड़ों का घर बसना और 47 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी सहायता न केवल आंकड़ों में दर्ज उपलब्धि है, बल्कि हजारों परिवारों की खुशियों का साक्षी भी है।
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लेखक के बारे में
माही खान एक उभरती हुई कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए समाचार अपडेट का कार्य कर रही हैं। वह खबरों की प्रस्तुति पर विशेष ध्यान देती हैं और मीडिया क्षेत्र में सीखते हुए अपने लेखन कौशल को लगातार विकसित कर रही हैं।
