केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बदहाल इंतजाम
— केजीएमयू व नगर निगम को नहीं दिखता शोकाकुल परिजनों का दुख
— हुसैनाबाद इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार पर शोकाकुल परिजन घंटों इंतजार करते
— दुख की घड़ी में आने वाले परिजनों को नहीं मिल रही बुनियादी सुविधा
लखनऊ। केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बदहाल इंतजाम के कारण, शोकाकुल परिजनों को पीने का पानी और शौचालय तक नसीब नहीं हो पा रहा है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय केजीएमयू स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर आने वाले शोकाकुल परिजनों को आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। अपनों को खोने के दुख के बीच उन्हें पीने के पानी, शौचालय और बैठने की समुचित व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में भीषण गर्मी, बरसात और कड़ाके की सर्दी में घंटों इंतजार करना उनकी मजबूरी बन गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पहले नगर निगम की ओर से एक सार्वजनिक शौचालय बनाया गया था, लेकिन उसे बाद में ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद करीब दो वर्ष पहले पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग मूत्रालय बनाने के उद्देश्य से लोहे का ढांचा खड़ा किया गया, लेकिन निर्माण के बाद से ही उस पर ताला लटका हुआ है। आज तक यह सुविधा आम लोगों के उपयोग में नहीं आ सकी।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने वाले अधिकांश परिजन पास स्थित हुसैनाबाद इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर पेड़ों की छांव में खड़े होकर घंटों इंतजार करने को मजबूर रहते हैं। न तो उनके बैठने के लिए शेड है और न ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
गौरतलब है कि केजीएमयू का पोस्टमार्टम हाउस लंबे समय से शहर का प्रमुख पोस्टमार्टम केंद्र रहा है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में शवों का पोस्टमार्टम होता है। पूर्व में भी यहां सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि पोस्टमार्टम हाउस के बाहर तत्काल स्वच्छ पेयजल, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए संचालित शौचालय, प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था और छायादार शेड उपलब्ध कराया जाए, ताकि दुख की घड़ी में आने वाले परिजनों को कम से कम बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
