शिक्षक भर्तीे: विधानसभा घेरने जा रहे अभ्यार्थियों को पुलिस ने रोका
लखनऊ। 69000 शिक्षक भर्ती आरक्षण घोटाला मामले को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने बुधवार को केकेसी कालेज से विधानसभा घेराव के लिए निकले थे रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। अभ्यर्थियों ने सड़क के किनारे बैठकर नारेबाजी की। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और अभ्यर्थियों को बस में भरकर धरना स्थल इको गार्डन भेज दिया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमरेंद्र पटेल ने कहा वर्ष 2018 में यह भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। आरोप है कि जब इसका परिणाम आया तो इसमें व्यापक स्तर पर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया। एक लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने एक फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया था। लेकिन कुछ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गये तब से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है। 8 सितंबर को इस प्रकरण पर सुनवाई होनी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस शिक्षक भर्ती मैं हुई विसंगति को सुधार करते हुए 6800 की एक लिस्ट दी थी लेकिन उसनमें शामिल अभ्यर्थियों को अभी तक नौकरी नहीं मिल सकी। इसी बात को लेकर धरनाप्रदर्शन कर रहे हैं । प्रदर्शनकारियों में अवनीश यादव, यशवंत यादव, विक्रम यादव, अमित मौर्य, भोला अंबेडकर सहित कई अभ्यर्थी शामिल रहे।
जूनियर असिस्टेंट अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
लखनऊ में बुधवार को 3284 जूनियर असिस्टेंट अभ्यर्थियों ने उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आवास का घेराव किया। 2023 की भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश है। हाथों में पोस्टर लेकर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कराने और परिणाम जारी करने की मांगकर रहे थे। वहीं बृजेश पाठक ने प्रदर्शन कर रहे हैं अभ्यर्थियों से मुलाकात कर आश्वासन दिया साथ ही आयोग के अध्यक्ष से वार्ता भी किया।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
