लखनऊ में पेट्रोल-डीजल में मिलावट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच की टीम ने थाना मलिहाबाद क्षेत्र के सन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास छापेमारी की
आबकारी विभाग की टीम को बुलाकर पेट्रोलियम पदार्थों की जांच कराई गई
लखनऊ। लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पेट्रोल-डीजल में अवैध मिलावट, ईंधन चोरी और कालाबाजारी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में पेट्रोल, डीजल, मिलावटी ईंधन, साल्वेंट और ईंधन निकालने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, भारत सरकार इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। इसी बीच पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां सामने आने के बाद लखनऊ पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आशंका जताई गई कि वाहनों में आने वाली तकनीकी समस्याओं के पीछे पेट्रोल-डीजल में अवैध मिलावट और ईंधन चोरी जैसे अपराध भी जिम्मेदार हो सकते हैं।इसी के तहत पुलिस आयुक्त के निर्देशन में क्राइम ब्रांच ने "ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड" शुरू किया। अभियान के दौरान पेट्रोल-डीजल की चोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई गई।
विश्वसनीय सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच की टीम ने थाना मलिहाबाद क्षेत्र के सन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास छापेमारी की। मौके पर एक टैंकर और एक अन्य वाहन संदिग्ध अवस्था में मिले। जांच में पता चला कि टैंकर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के अमौसी टर्मिनल से विधानसभा मार्ग स्थित शुभम फिलिंग स्टेशन के लिए पेट्रोल और डीजल लेकर निकला था, लेकिन रास्ते में उससे ईंधन निकालकर अवैध रूप से बेचा जा रहा था।
मौके पर आबकारी विभाग की टीम को बुलाकर पेट्रोलियम पदार्थों की जांच कराई गई। जांच में अवैध भंडारण और ईंधन में मिलावट की पुष्टि हुई। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 7,750 लीटर पेट्रोल, 4,000 लीटर डीजल, करीब 1,150 लीटर मिलावटी पेट्रोल, लगभग 3,200 लीटर साल्वेंट, टैंकर से निकाला गया करीब 250 लीटर पेट्रोल तथा ईंधन निकालने में इस्तेमाल होने वाले पाइप, डिप रॉड, मास्टर चाबी, प्लास्टिक कीप, मापक सहित अन्य उपकरण बरामद किए।
पूछताछ में टैंकर चालक रामतीर्थ ने बताया कि वह रास्ते में टैंकर से पेट्रोल निकालकर अनिल कुमार को 75 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचता था। वहीं अनिल कुमार ने बताया कि वह विभिन्न टैंकर चालकों से पेट्रोल और डीजल खरीदकर उसमें साल्वेंट मिलाता था और फिर अधिक कीमत पर बेचकर मुनाफा कमाता था। इस काम में अभिषेक राजपूत और धीरज सिंह भी उसका सहयोग करते थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मलिहाबाद निवासी अनिल कुमार, काकोरी निवासी अभिषेक राजपूत, उन्नाव निवासी धीरज सिंह और हरदोई निवासी रामतीर्थ के रूप में की है। सभी को 12 जुलाई को मलिहाबाद क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
