सांसद आदित्य यादव ने किया अकीदतमंदों का इस्तकबाल
बदायूं। बुधवार को जुलूस-ए-मोहम्मदी अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की। सांसद आदित्य यादव ने जुलूस में शामिल होकर अकीदतमंदों का इस्तकबाल किया और सभी को ईद-ए-मिलादुन्नबी की दिली मुबारकबाद दी।
सांसद आदित्य यादव ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी का मुबारक दिन सभी को मोहब्बत, भाईचारे, अमन, इंसाफ और इंसानियत का पैगाम देता है। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद ने पूरी इंसानियत को आपसी प्रेम, शांति, सद्भाव और जरूरतमंदों की मदद का रास्ता दिखाया। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए समाज में भाईचारे और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि बदायूं की गंगा-जमुनी तहजीब सदियों से देश के सामने मिसाल रही है। यहां सभी धर्मों और समुदायों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होकर खुशियां बांटते हैं। यही आपसी प्रेम और भाईचारा समाज की सबसे बड़ी ताकत है और इस विरासत को हर हाल में कायम रखना चाहिए।
सांसद ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी केवल खुशी मनाने का अवसर नहीं, बल्कि पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने का भी अवसर है। उन्होंने अपील की कि समाज में नफरत और भेदभाव के लिए कोई स्थान न हो तथा हर व्यक्ति के साथ प्रेम, सम्मान और इंसानियत का व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज को सबसे ज्यादा जरूरत मोहब्बत और भाईचारे की है। सभी को एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होना चाहिए और जरूरत के समय एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए। यही देश की खूबसूरती और गंगा-जमुनी संस्कृति की पहचान है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
