सर्राफ लूटकांड मामले में बड़ी कार्रवाई, सरगना समेत पांच आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
नकदी, आभूषण, अवैध तमंचे और कारतूस आरोपियों के पास से बरामद
- गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में अमृतपुर सर्राफा लूटकांड में राजेपुर थाना पुलिस ने पांच आरोपितों पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दिया है।
पुलिस ने उक्त चर्चित सर्राफा लूटकांड में शामिल मुख्य सरगना समेत पांच आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए नया मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों ने एक संगठित गिरोह बनाकर अवैध हथियारों के बल पर लूट जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं और अपराध के जरिए आर्थिक लाभ अर्जित करने के साथ क्षेत्र में अपना प्रभाव कायम करने का प्रयास किया।
ये खबर भी पढ़े : पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह के ठिकानों से अपराध की आय छिपाने से जुड़े दस्तावेज मिलने का ईडी ने किया दावाथानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, गिरोह का नेतृत्व (सरगना) एटा जनपद के थाना जैथरा क्षेत्र के गांव प्रहलादपुर निवासी सुमित यादव करता है। इस गिरोह में शिवम यादव, गोविन्द उर्फ विकास यादव, आलोक कुमार तथा अनूप यादव भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, 1 फरवरी 2025 को राजेपुर-राठौरी स्थित तिवारी मार्केट से सर्राफा व्यापारी के मुनीम रामअवतार और लकी खान दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। रास्ते में बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट डिजायर कार में सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और करीब एक लाख सत्तर हजार रुपये की नकदी, लाखों रुपये मूल्य के आभूषण तथा मोबाइल फोन लूट लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने मुनीम रामअवतार को तमंचे से गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गए थे। घटना की विवेचना के दौरान पुलिस ने अलग-अलग समय पर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से लूटी गई नकदी, आभूषण, अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए गए। इस मामले में पुलिस पहले ही आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर चुकी है।
थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह ने शनिवार को बताया कि उक्त आरोपितों के आपराधिक रिकॉर्ड का परीक्षण कर गैंग चार्ट तैयार किया गया, जिसे जिला मजिस्ट्रेट से अनुमोदित कराया गया। इसके बाद सभी पांच आरोपितों के खिलाफ गैंगेस्टर के तहत राजेपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है ऐसी संगठित और सिलसिले वार वारदातों को रोकने के लिए कानून किसी भी तरह की रियायत नहीं करेगा। जो बदमाश थाना क्षेत्र में सक्रिय है, उन्हें मुखबिरों और अन्य तकनीकी साधनों से सुराग लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा और सलाखों के पीछे भेजकर कार्रवाई की जाएगी।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
