मानवता की मिसाल बनी महिगवां पुलिस, भटके हुए युवक को सकुशल परिजनों से मिलाया
लखनऊ। पुलिस की संवेदनशीलता और जनसेवा का एक सराहनीय उदाहरण महिगवां थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां रात्रि गश्त के दौरान भटके हुए एक मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों से मिलाया। पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार के चलते चिंतित परिवार को बड़ी राहत मिली।
जानकारी के अनुसार 8/9 जून 2026 की रात थाना महिगवां पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और भ्रमण पर थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक युवक पर पड़ी, जो संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर भटकता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम आशीष शर्मा पुत्र वीरपाल शर्मा, निवासी वेली सिटी, इज्जतनगर, जनपद बरेली बताया।
ये खबर भी पढ़े : मनकामेश्वर वार्ड में प्रेरणाकृति फाउंडेशन द्वारा 10 दिवसीय कथक प्रशिक्षण शिविर शुरूपूछताछ के दौरान युवक का व्यवहार सामान्य नहीं लगा और वह अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था। बातचीत में उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने के लिए 7 जून को लखनऊ आया था, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण घर वापस नहीं जा सका।
ये खबर भी पढ़े : काशी में स्थापित होगा दुनिया का सबसे ऊंचा शिवलिंग, श्रृदालु के लिए बनेगा आकर्षण का केंद्रस्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिगवां पुलिस ने युवक को अपने संरक्षण में लिया और उसे भोजन एवं जलपान उपलब्ध कराया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से थाने लाया गया, जहां उससे शांतिपूर्वक और विस्तार से पूछताछ की गई।
ये खबर भी पढ़े : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: स्विमिंग पूल में डॉक्टरों, योग प्रशिक्षकों और छात्रों ने किया योगासनपूछताछ के दौरान युवक ने अपने मामा कृष्ण पाल शर्मा का नाम और एक मोबाइल नंबर बताया। पुलिस ने तत्काल उस नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान युवक के पिता वीरपाल शर्मा ने पुष्टि की कि आशीष उनका पुत्र है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने लखनऊ गया था और वापस घर नहीं लौटा था। परिवार पिछले कई दिनों से उसकी तलाश कर रहा था और काफी चिंतित था।
महिगवां पुलिस ने युवक के पिता को जानकारी दी कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है और थाना महिगवां में मौजूद है। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे। आवश्यक कानूनी और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आशीष शर्मा को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।
अपने बेटे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने महिगवां पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया।
इस सराहनीय कार्यवाही में थाना महिगवां के थानाध्यक्ष राधे श्याम मौर्य, उपनिरीक्षक सतीश सिंह, उपनिरीक्षक अमित सिंह, कांस्टेबल लाल बहादुर और अरविंद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
महिगवां पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस समाज में जरूरतमंद लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर खड़ी है। मानवता और जनसेवा का यह उदाहरण लोगों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करता है।
लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
