प्रेमी के साथ पति की हत्या कर जमीन में गाड़ा, कोर्ट ने दोनों को सुनाई उम्र कैद की सजा
- गैर मर्द की मोहब्बत में पति की जान लेने वाली महिला को प्रेमी समेत उम्रकैद
-ए डी जे प्रथम राहुल मिश्रा ने सुनाया निर्णय
चित्रकूट । उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में अवैध संबंधों के चक्कर में पति की हत्या करने वाली महिला और उसके प्रेमी काे न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है । साथ ही दोनों को अर्थदंड से भी दंडित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अजय कुमार सिंह ने मंगलवार काे बताया कि सात जुलाई 2018 को पहाड़ी थाने क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम लोहदा में घर के अंदर से मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शिवलोचन विश्वकर्मा का शव जमीन की खुदाई कर निकाला गया था। मृतक के भाई फूलचन्द्र ने इस मामले में पहाड़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तहरीर में फूलचन्द्र ने मृतक की पत्नी माया देवी और गांव के ही टुल्लु लोध के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य नष्ट करने का आरोप लगाया था। इसके बाद कर्वी स्थित बस स्टैण्ड से माया देवी और टुल्लू लोध को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस के अनुसार टुल्लु लोध की मृतक शिवलोचन की दोस्ती थी। इसके चलते टूल्लू उसके घर आता जाता था। इस दौरान टूल्लू लोध के साथ माया की नजदीकियां बढ़ गयी और नवम्बर 2017 में शिवलोचन के हाथ माया देवी और टूल्लू की फोटो लग गई। नाराजगी जाहिर करते हुए उसने पत्नी माया देवी को पीट दिया और सो गया। इसके बाद माया ने रात्रि में ही टूल्लू को बुलाकर शिवलोचन की हत्या कर दी और फावड़े से घर में गड्ढा खोदकर शव को मिट्टी से दबा दिया। इसके बाद उसने गड्ढे वाले स्थान को मिट्टी और गोबर के जरिये चिकना कर दिया।
घटना के बाद टूृल्लू लोध मुम्बई पैसा कमाने चला गया और लगभग 20 दिन बाद राशन खत्म होने पर माया घर की चाभी अपनी सास को देकर पिता के साथ मायके बिलासपुर, छत्तीसगढ़ चली गयी। वहां से पिछले जून 2018 में माया टूल्लू लोध के पास मुम्बई चली गयी और उसके साथ रहने लगी। इस दौरान छ: जुलाई 2018 को घर के अंदर की मिट्टी नीचे धंसने पर मृतक की मां को शक हुआ और उसने अपने बेटे फूलचन्द्र को बताया। पुलिस को सूचना दी गई थी और पूरे मामले का खुलासा हुआ और आरोपिताें को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओ की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राहुल मिश्रा ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोषसिद्ध होने पर हत्यारोपित माया देवी और टुल्लू लोध को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों को 14000-14000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
पति के कत्ल में माया ने दिखाई थी बेरहमी
अग्नि को साक्षी मानकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा करने वाली माया ने बहुत बेरहमी से अपने पति शिवलोचन का कत्ल किया था। पति-पत्नी के रिश्ते को शर्मसार को करने वाली हत्यारिन माया ने पुलिस हिरासत में अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया था कि नींद में घर के अंदर सो रहे शिवलोचन की गर्दन पर रस्सी का फंदा डालकर प्रेमी के साथ खींचते हुए गड्ढे में डाल दिया गया था। माया की निर्दयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पति को मौत के घाट उतारकर जमीन में दफन करने के बाद भी लगभग 20 दिनों तक वह उसी घर में बनी रही और इसके बाद राशन खत्म होने पर बेहद शातिर अंदाज में पिता के साथ मायके चली गयी।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
