रोबोटिक सर्जरी में केजीएमयू ने रचा इतिहास
— केजीएमयू में रोबोटिक विधि से किया कोलेडोकल सिस्ट ऑपरेशन
— बड़े—बड़े ऑपरेशन कर किया नया कीर्तिमान स्थापित
लखनऊ। केजीएमयू के डॉक्टरों ने रोबोटिक विधि से कोलेडोकल सिस्ट से पीड़ित मरीज का इलाज कर नया जीवनदान दिया। अब हालांकि पहले से बेहतर है।
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने लगातार रोबोटिक विधि से बड़े—बड़े ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसके साथ ही केजीएमयू में अत्यन्त कम खर्च पर उपलब्ध बच्चों के लिए रोबोटिक सर्जरी की सुविधा के बारे में जानकारी दे रहा हैं।
ऐसा ही मामला सामने आया है कि,जहां मरीज गौरव पुत्र रवि उम्र ग्यारह वर्ष पडीलालपुर के कानपुर निवासी है। परिजनों के मुताबिक,उनके बच्चे को कोलेडोकल सिस्ट नामक बीमारी थी। मरीज के माता-पिता ने बताया कि उन्होंने बच्चे का इलाज कानपुर तथा लखनऊ के कई अस्पतालों में भी इलाज कराया लेकिन बच्चे की बीमारी के सम्बन्ध में सफलता नहीं मिली और अन्त में वे केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग की इमरजेंसी में पिछले माह को भर्ती किया गया,बीमारी की जटिलता को देखते हुए मरीज को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध करवायी गयी एवं आवश्यक जांच करायी गयी।
प्रो जेडी रावत की टीम के मुताबिक,इस मरीज की सटीक सर्जरी और तेजी से रिकवरी सुनिश्चित करने के लिए मरीज के अभिभावक को रोबोटिक विधि से सर्जरी कराने का सुझाव दिया गया।पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में रोबोटिक विधि द्वारा जटिल बीमारियों का इलाज काफी कम खर्च में उपलब्ध है। जो कि मरीज का ऑपरेशन रोबोटिक तकनीक से कर दिया गया। डा जेडी रावत,विभागाध्यक्ष ,पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने बताया यह पित्त नलिकाओं की एक दुर्लभ, जन्मजात बीमारी है, जिसका यदि समय पर इलाज न किया जाए तो लीवर से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कोलेडोकल सिस्ट सर्जरी में असामान्य पित्त नलिका को हटाकर लीवर से आंत तक पित्त के बहाव के लिए एक नया रास्ता बनाया जाता है। उन्नत रोबोटिक तकनीक के उपयोग से सर्जिकल टीम को बेहद छोटे चीरों के माध्यम से और अधिक स्पष्टता व सूक्ष्म सटीकता के साथ काम करने में मदद मिली। उन्होंने बताया पारंपरिक ओपन सर्जरी की तुलना में यह तरीका ऑपरेशन के बाद के दर्द को काफी कम करता है। खून का बहाव न्यूनतम रखता है और मरीज को जल्दी ठीक होने में मदद करता है।
यह रही सर्जन की टीम
डॉ जेडी रावत, डा सुधीर सिंह,डा गुरमीत सिंह, डा कृति पटेल, डा कृतिका, तथा नर्सिंग स्टाफ रीता, संजय और रिंकेश शामिल थे और एनेस्थीसिया विभाग की ओर से डा आयुषी बग्गा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा सर्जरी के बाद से मरीज की रिकवरी अच्छी रही और मरीज स्वस्थ है जिससे मरीज को गुरुवार को विभाग से डिस्चार्ज कर दिया गया।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
