यूपी में 2017 के पहले सपाई हड़प लेते थे गरीबों का राशन कार्ड : योगी
-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का किया शुभारंभ
-सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में हुई वृद्धि (90 से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल) का दिया उपहार
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राशन कोटेदारों की आस पूरी करते हुए सोमवार को लोकभवन में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी के अंतर्गत ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। योगी ने बटन दबाकर उत्तर प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं के लाभांश में हुई वृद्धि (90 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये प्रति कुंतल) का उपहार दिया। उन्होंने कहा कि मार्जिन मनी में 35 रुपये की वृद्धि (10 रुपये केंद्र सरकार व 25 रुपये राज्य सरकार) से आपने लंबी छलांग लगाई है। हमने 25 रुपये और बढ़ाने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। समय लगेगा लेकिन यह कार्य हो गया तो आपके लिए और भी अच्छी व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी राशन वितरण के उचित दर विक्रेताओं से अपील की कि वह कार्य करिए, जिसमें सम्मान हो। जिसमें सम्मान न हो, वह कार्य कभी नहीं करना चाहिए। इससे पीढ़ियां खराब होती हैं, उन पर दुष्प्रभाव पड़ता है। उन्होंने 2017 के बाद आए बदलाव का जिक्र किया और कहा कि अब कोई आप पर अंगुली नहीं उठा सकता। 2017 के पहले सपाई गरीब का राशन कार्ड अपने घर में रख लेते थे, जिससे वह भूख से मरता था परंतु अब ऐसी स्थिति नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिए प्रदेश के 15 करोड़ लोगों को लगातार निःशुल्क राशन मिल रहा है। निराश्रितों/दिव्यांगों का राशन घर तक पहुंचाने की व्यवस्था हो रही है। दो करोड़ परिवारों को फ्री में रसोई गैस के कनेक्शन, 1.53 करोड़ परिवारों को फ्री में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। राशन की 10 हजार दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में स्थापित किया गया है। यह परिणाम राज्य की उन्नति को बताते हैं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले उचित दर मूल्य के विक्रेताओं का दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि आप तब भी मेहनत करते थे लेकिन शासन राशन नहीं भेजता था तो गाली आपको खानी पड़ती थी। उनकी लूट का खामियाजा आपको भुगतना पड़ता था। लोग शक की निगाहों से देखते थे। कोटेदार शब्द से ही लोगों को चिढ़ सी होने लग गई थी। गलती आपकी नहीं थी। पाप कोई करता था, भुक्तभोगी कोई और होता था। उस समय सत्तासीन लोगों की नीयत में खोट था।
वीडियो बनाने की धमकी देने वाले स्कूलों में जाकर देखें सकारात्मक बदलाव
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा परिषद का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि स्कूल का वीडियो बनाएंगे, जरूर बनाएं। हमने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से हर स्कूल की अच्छी फ्लोरिंग कराई। सरकार बालक-बालिकाओं के लिए अलग टॉयलेट, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, फर्नीचर, 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, किताबें, दो यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर आदि सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। साल 2017 के पहले स्कूल का भवन नहीं होता था। यदि भवन था तो शिक्षक नहीं, शिक्षक थे तो छात्र नहीं। पेयजल, टॉयलेट न होने से सत्र पूरा होने से पहले ही आधे बच्चे पहले ही स्कूल छोड़कर चले जाते थे। अब निपुण भारत अभियान के तहत यूपी के स्कूली बच्चे अक्षर ज्ञान के साथ ही वाक्य विन्यास में भी पारंगत हुए हैं। विज्ञान, अंग्रेजी, गणित की शिक्षा भी स्कूल में लेते हैं। बच्चे अब अच्छा कर रहे हैं।
जो कुछ नहीं कर पाए, वे आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कुछ कर नहीं पाए, वे आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं। ऐसे लोग परिवर्तन को नकारात्मकता में बदलना चाहते हैं। यही स्थिति आप सभी के साथ भी हुई। उचित दर विक्रेताओं के बारे में लोगों की धारणा ठीक हो, इसके लिए सरकार ने वर्ष 2017 में ई-पॉस मशीन लगाना शुरू किया। हमने कहा कि सिंगल डोर स्टेप होगा यानी एफसीआई के गोदाम से सीधे फेयरप्राइस शॉप तक राशन पहुंचाया जाएगा। सरकार व उचित मूल्य विक्रेता के बीच में कोई बैरियर नहीं रहेगा। हम सीधे संवाद बनाएंगे, इससे परिणाम भी सकारात्मक आए।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पारदर्शिता आई तो अब गांव में लोग आपका सम्मान भी करते हैं और आपके सुख-दुख में खड़े होते हैं। आपके प्रति विश्वास में वृद्धि हुई। प्रधानमंत्री के आदेश पर उचित दर विक्रेता से जुड़ी दुकान को अन्नपूर्णा भवन के रूप में निर्मित किया जा रहा है। इस वर्ष इस मद में 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहां दुकान व गोदाम की भी व्यवस्था होगी। पहले आप केवल राशन की ही बिक्री कर पाते थे लेकिन अब 39 ऐसे आइटम हैं।
उन्होंने कहा कि पहले सरकार ही लूट मचाती थी तो परिवर्तन कैसे हो पाता। फेयर प्राइस शॉप संचालकों को कोसने भर से परिवर्तन नहीं होता। प्रदेश में अब खाद्य व रसद विभाग में भी व्यापक रिफॉर्म हुआ है। 2017 में जनता दर्शन में यदि हजार प्रार्थना पत्र आते थे तो इसमें से लगभग 300 अप्लीकेशन राशन से जुड़ी विसंगतियों को लेकर होती थी। अब राशन वितरण की एक भी शिकायत नहीं आती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की स्कीम को आपने धऱातल पर उतारने का कार्य किया। हमें प्रसन्नता होती है कि हमने गरीब के लिए जो चीज उपलब्ध कराई थी, वह उस तक पहुंच गई है। कारोनो काल में भी आपने कार्य किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले फेयरप्राइस शॉप के संचालक की प्रतिमाह आय लगभग 12 हजार 750 होती थी। अब 125 रुपये की दर से 100 कुंतल वितरण पर 16 हजार 250 रुपये प्राप्त होंगे। इसके अलावा दुकान का मुनाफा अलग से है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, खाद्य व रसद विभाग के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय, राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
