कौशाम्बी में हाई-इंटेंसिटी बलवा ड्रिल: दंगा नियंत्रण की रणनीतियों का व्यापक अभ्यास, ड्रोन निगरानी में परखी गई पुलिस की तैयारी
एसपी सत्य नारायण के नेतृत्व में पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में मॉक ड्रिल, न्यूनतम बल प्रयोग से भीड़ नियंत्रण पर जोर
कौशाम्बी। जिले में शान्ति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सत्य नारायण के नेतृत्व में पुलिस लाइन कौशाम्बी के परेड ग्राउंड पर हाई-इंटेंसिटी बलवा ड्रिल का व्यापक अभ्यास कराया गया। इस दौरान दंगा नियंत्रण की विभिन्न रणनीतियों का चरणबद्धप्रदर्शन करते हुए पुलिस बल की तैयारियों को परखा गया।अभ्यास के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दंगा नियंत्रण उपकरणों से सुसज्जित होकर विधिक प्रावधानों के अनुरूप न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए भीड़ को नियंत्रित करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। इसमें टियर गैस गन, एंटी राइट गन, चिली बम, रबर बुलेट एवं हैंड ग्रेनेड जैसे उपकरणों के प्रयोग का प्रशिक्षण शामिल रहा।बलवा ड्रिल के तहत कुल 10 टीमों का गठन किया गया, जिनके माध्यम से दंगा नियंत्रण की पूरी कार्यवाही को क्रमबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया गया। एलआईयू द्वारा अभिसूचना संकलन से शुरुआत करते हुए नागरिक पुलिस ने भीड़ को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और चेतावनी जारी की गई। इसके बाद अग्निशमन दल द्वारा पानी का छिड़काव किया गया तथा स्थिति के गंभीर होने पर टीयर गैस स्क्वाड द्वारा अश्रु गैस का प्रयोग किया गया। लाठी पार्टी ने न्यूनतम बल का प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर करने का अभ्यास किया।हिंसात्मक स्थिति की आशंका को ध्यान में रखते हुए फायर पार्टी द्वारा आत्मरक्षार्थ अग्नेयास्त्र के प्रयोग की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त संभावित घायलों के उपचार हेतु प्राथमिक चिकित्सा टीम और एम्बुलेंस की कार्यवाही का भी अभ्यास कराया गया। भीड़ नियंत्रण के उपरांत रिजर्व पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल पर पिकेट लगाकर सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को भी ड्रिल में शामिल किया गया।पूरे अभ्यास के दौरान ड्रोन कैमरों के माध्यम से सतत निगरानी की गई, जिससे आधुनिक तकनीक के उपयोग को भी परखा जा सके। पुलिस अधीक्षक ने ड्रिल का सूक्ष्म निरीक्षण करते हुए कमियों की ओर ध्यान दिलाया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस कर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास से अवैध जमाव, बलवा और हिंसा जैसी परिस्थितियों में प्रभावी नियंत्रण संभव होता है तथा न्यूनतम बल प्रयोग के साथ शांति व्यवस्था बनाए रखने में सफलता मिलती है। उन्होंने इस तरह के अभ्यास को निरंतर जारी रखने पर बल दिया।अभ्यास में अपर पुलिस अधीक्षक, समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन, सभी थाना एवं शाखा प्रभारी, पुलिस कर्मियों सहित रिक्रूट आरक्षियों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की।
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
