सीएचसी परिवा शुंभा में स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त, स्टाफ के बावजूद मरीज बेहाल
अधीक्षक पर संविदा नर्स से मारपीट और उत्पीड़न का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
मनोज शर्मा
- ग्रामीणों का आरोप, व्यवस्था बद से बदतर; दवाई मिलती नही; मरीजों से अभद्रता
त्रिवेदीगंज/बाराबंकी। विकास खंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिवा शुंभा की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ होने के बावजूद मरीजों को इलाज और दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। इससे नाराज होकर शनिवार को स्थानीय लोगों ने सीएचसी परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
जीत राम, जसवंत, राहुल, मंशाराम, बाबादीन, राम बहादुर, संकटा, राज, रमन चौधरी, दुर्गेश रावत प्रधान बद्री, मधु,तारा चंद्र प्रधान सहित दर्जनों ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब से अधीक्षक शशि कांत चौधरी ने यहां कार्यभार संभाला है, तब से अस्पताल की व्यवस्था बद से बदतर हो गई है,न तो किसी को दवाई मिलती है। मरीजों से अभद्रता करते है।
ग्रामीणों और कर्मचारियों का सबसे गंभीर आरोप संविदा नर्स गीता यादव के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तन-मन से ड्यूटी कर रही गीता यादव को जानबूझकर काम नहीं करने दिया जा रहा है। उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और प्रसव कराने से भी रोका जा रहा है।,यहां तक कि उनकी स्कूटी को अधीक्षक के द्वारा एक कमरे में रखवाकर कमरा में ताला लगवा दिया गया। जिससे वो कही आ और जा न पाए। जिसकी उनकी शिकायत न हो।
पीड़ित संविदा नर्स गीता यादव ने बताया कि अधीक्षक शशि कांत चौधरी और लैब टेक्नीशियन राकेश सिंह मेरे साथ बदतमीजी करते हैं। मारपीट भी की जाती है और काम करने से मना किया जाता है। इसकी हमने लिखित शिकायत स्थानीय थाना लोनी कटरा में दिया है लेकिन अधीक्षक ऊंची पहुंच रखने वाले होने के नाते आज दूसरा दिन बीत गया अभी तक हमारी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई।
स्टाफ पूरा, फिर भी अव्यवस्था सीएचसी में नर्स निशा रानी, गीता यादव, डॉ. अनुज कुमार, एलटी राकेश सिंह, किशोर कुमार फार्मासिस्ट, नर्स सपना, प्रियंका, अधीक्षक शशि कांत, शादाब तमन्ना, वार्ड बॉय पंकज धीमान सहित पूरा स्टाफ तैनात है। इसके बावजूद मरीज दर-दर भटकने को मजबूर हैं और उन्हें दवाइयां तक नहीं मिल पा रही हैं। कारण है कि सभी स्टॉप को अधीक्षक द्वारा आने के लिए बना किया जाता है। जिसके बदले में हर महीने पैसा वसूला जाता है।
वही स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और सीएमओ से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधीक्षक और लैब टेक्नीशियन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। फिर हाल इस संबंध में जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक शशि कांत चौधरी से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। जिससे जानकारी नहीं मिल सकी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
