- स्कूल वैन ने ट्रैफिक नियमों की उड़ाईं धज्जियां
बख्शी का तालाब।सीतापुर हाईवे पर हर दिन सैकड़ों मासूम बच्चों की जिंदगी दांव पर लगाकर स्कूल वैन दौड़ रही हैं। शनिवार को बख्शी का तालाब थाना मोड़ के पास एक ऐसी ही बड़ी लापरवाही सामने आई, जहां लखनऊ इंटरनेशनल स्कूल की वैन ने न सिर्फ ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। गनीमत रही कि किसी बच्चे को चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने स्कूल प्रबंधनों और परिवहन विभाग की पोल खोलकर रख दी है।
मौके पर मौजूद लोगो ने बताया कि, स्कूल वैन का चालक सूरज कुमार बेहद लापरवाही और तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था। थाना मोड़ के पास उसने आगे चल रही एक कार को गलत दिशा से ओवरटेक करने की कोशिश की। रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक नियंत्रण खो बैठा और वैन कार के बाएं हिस्से को बुरी तरह ठोकते हुए निकल गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि, कार का कोना क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद वैन में चीख-पुकार मच गई।
इस हादसे के बाद जब राहगीरों ने वैन को रुकवाया, तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। करीब 15 बच्चों को गाड़ी के अंदर भूसे की तरह ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। बच्चों ने खुद रोते हुए गाड़ी के अंदर की हकीकत बयां की। वैन सवार बच्चों ने बताया कि गाड़ी में बैठने का कोई नियम नहीं है।
चालक का सीधा हिसाब है—अंगुली के बराबर बड़े बच्चे हैं तो एक सीट पर दो, और छोटे बच्चे हैं तो तीन से चार बच्चों को जबरन बैठाया जाता है। पीछे की सीटों पर तो पांच-पांच बच्चों को उनके भारी-भरकम बैग के साथ ठूंस दिया जाता है।
सांस लेने तक की जगह नहीं बचती। सीतापुर हाईवे जैसी व्यस्त सड़क पर हर दिन ये मौत की गाड़ियां खुलेआम दौड़ रही हैं। स्कूल वैन के मालिकों और चालकों को न तो कानून का डर है और न ही मासूमों की जान की परवाह। आरोप है कि, हाईवे पर चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है, जिसका खामियाजा इन मासूम बच्चों और उनके डरे-सहमे अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है।