लखनऊ विश्वविद्यालय में पड़ा कूड़ा-कबाड़ साफ़ करो: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
दीक्षांत समारोह के दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने उठाया मुद्दा
- लविवि में लम्बे समय से पड़े स्क्रैप पर जताई नाराजगी, हटाने के निर्देश
लखनऊ। शुक्रवार लविवि में 69वें दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। इस दौरान लविवि के छात्रों को लम्बे समय से हो रही परेशानियों को राज्यपाल ने खुले मंच से खुद उठा दिया। उन्होंने लविवि में साफ़-सफाई को लेकर नाराजगी जताई। इसके साथ ही लविवि में लम्बे समय से पड़े स्क्रैप को भी हटाने के निर्देश खुले मंच से दिए।
शुक्रवार कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में लखनऊ विश्वविद्यालय में 69वाँ दीक्षोत्सव सम्पन्न हुआ। दीक्षोत्सव में कुल 1,25,285 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें 57,166 छात्र तथा 68,119 छात्राएँ शामिल हैं। समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि के लिए 111 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 204 पदक प्रदान किए गए। पदक प्राप्त करने वालों में 81 छात्राएँ एवं 30 छात्र शामिल रहे। वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्रामों में लखनऊ विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षोत्सव के अंतर्गत मेरी माँ विषय पर चित्रकला, कहानी कथन काव्य और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इनमें 256 बच्चों ने प्रतिभाग किया।
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राज्यपाल ने सभी विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। स्कूली बच्चों ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर प्रेरणादायी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। राज्यपाल ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत संदेश की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं जल संरक्षण का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों ने बहुत अच्छा संदेश दिया है।
राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने पिछले छह वर्षों से जनभागीदारी के माध्यम से बालिकाओं के एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत कराई है, जिसके अंतर्गत अब तक 5,87,459 टीकाकरण संपन्न हो चुके हैं। कुलाधिपति ने कहा कि सभी उपाधियों एवं अंकपत्रों को डिजिलॉकर पर अपलोड किया गया है, ताकि विद्यार्थी आवश्यकता पड़ने पर उन्हें वहीं से डाउनलोड कर सकें।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी विद्यार्थी को उपाधि अथवा अंकपत्र की हार्ड कॉपी प्रदान न की जाए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान डायरिया, सर्दी-जुकाम, फ्लू, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया तथा अन्य वेक्टर जनित रोगों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इनसे बचाव के लिए स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, संतुलित आहार, हाथों की नियमित सफाई, मच्छरों की रोकथाम, जलभराव न होने देना तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जन भवन की टीम ने लखनऊ विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया, जिसमें विभिन्न व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आई हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि निरीक्षण में चिन्हित सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए। राज्यपाल ने दोनों परिसरों के छात्रावासों का आवंटन न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को बाहर रहना पड़ता है, जिससे उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ और अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने छात्रावासों का आवंटन शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेस बंद होने पर भी असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों को भोजन संबंधी परेशानियां हो रही हैं। राज्यपाल ने छात्रावासों में वाशिंग मशीन तथा वाई-फाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि पनीर स्थानीय विक्रेताओं से खरीदा जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वविद्यालय पुस्तकालय से संबंधित शिकायतों का उल्लेख करते हुए कहा कि लाइब्रेरी का समय बढ़ाया जाए तथा शनिवार को भी विद्यार्थियों के लिए पुस्तकालय खुला रखा जाए। उन्होंने पुस्तकों के रख-रखाव एवं साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों में साफ-सफाई की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए परिसर में लंबे समय से पड़े स्क्रैप का शीघ्र निस्तारण (ऑक्शन) कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि अग्नि सुरक्षा के कई उपकरण पुराने एवं एक्सपायर पाए गए हैं, जिन्हें तत्काल बदलकर आवश्यक सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही शुद्ध पेयजल एवं आरओ की व्यवस्था को भी संतोषजनक बनाने के निर्देश दिए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
