जयहिंद संवाद में प्राथमिक शिक्षा की दुर्दशा पर चर्चा आयोजित
लखनऊ। जयहिंद संवाद के सातवें चरण में प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा की दुर्दशापूर्ण स्थितियों पर चर्चा की गयी। संयोजक जाहिद अली ने सभी प्रतिभागियों का परिचय कराया। विषय प्रस्तावक फरहत कासिम ने मनुष्य के निर्माण में शिक्षा के सर्वकालीन महत्व पर प्रकाश डाला। डालीगंज के प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षामित्र उबैद सिद्दीकी ने बताया कि पहले के मुकाबले उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पठन-पाठन की परिस्थितियों में उल्लेखनीय सुधार आया है लेकिन शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी एक बड़ी समस्या है। आदर्श संग्राम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम भारती ने बताया कि जितने भी बड़े अधिकारी और नेता हैं उनके बच्चे बड़े—बड़े निजी विद्यालयों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नीति निर्माताओं के बच्चे सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में क्यों नहीं पढ़ते? गौतम भारती ने शिक्षा के अधिकार कानून को दलित और गरीब छात्रों के लिये अपमानजनक बताया। आदर्श संग्राम पार्टी की महिला मोर्चा की अध्यक्षा अंजना भारती ने जयहिंद संवाद के मंच से बोलते हुए कहा कि देश में करोड़ों बच्चों को आज अच्छे सरकारी विद्यालयों की ज़रूरत है क्योंकि निजी विद्यालय के प्रबंधन केवल पैसा कमाने में लगे हुए हैं। कवि अनिल अनाड़ी ने शिक्षा स्वास्थ्य और सार्वजनिक वितरण से लेकर हर क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को इंगित करते हुए व्यंग्य रचना सुनाई। स्पेशल चाइल्ड एजुकेटर के रूप में इस कार्यक्रम में पहुंची स्मिता पांडेय ने विशेष मानसिक और बौद्धिक स्थिति वाले स्पेशल चाइल्ड के बढ़ती संख्या को राष्ट्रीय समस्या बताते हुए कहा कि देश की सभी सरकारों को इन बच्चों कक शिक्षा-दीक्षा और जीवन निर्माण के लिए गम्भीर प्रयास करने होंगे। प्रतीक पांडेय ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने की पहल हमें खुद से करनी चाहिए तभी हालात में बदलाव नजर आयेंगे। समाजसेवी वी.एम.श्रीवास्तव ने कहा कि समाज में विशेष बच्चों के प्रति जागरूकता लाने की ज़रूरत है और इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप दिया जायेगा। संयोजक ज़ाहिद अली के अनुसार जयहिंद का आठवां चरण 15 अगस्त-2026 को लखनऊ में स्वाधीनता संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण पर आधारित होगा।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
