लखनऊ। नगराम थाना क्षेत्र के अमेठियन का पुरवा गांव में शनिवार देर रात एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 28 वर्षीय प्रशांत कुमार सिंह के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रशांत ने अपनी पत्नी ममता सिंह और ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग आकर यह कदम उठाया है। प्रशांत ने अपने घर के कमरे में छत के पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगाई। मृतक के पिता ने अपनी बहू और ससुरालियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक नगराम के अमेठियन का पुरवा निवासी अशोक कुमार सिंह के 28 वर्षीय बेटे प्रशान्त कुमार सिंह का विवाह अप्रैल 2018 में बलरामपुर जिले के गैड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र स्थित दुधरा गांव निवासी राजकरन सिंह की बेटी ममता सिंह उर्फ रुचि सिंह के साथ हुआ था। दोनों के दो बच्चे हार्दिक (7) और यश (4) हैं। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही प्रशान्त की पत्नी ममता सिंह घर में अक्सर कलह करती थी। रिश्तेदारों के हस्तक्षेप से मामला कुछ समय के लिए शांत हो जाता था, लेकिन बाद में फिर विवाद शुरू हो जाता था।
आरोप है कि ममता की बड़ी बहन रुबी सिंह, बब्बी सिंह और उसकी मां श्याम कुमारी के उकसाने पर विवाद और बढ़ जाता था, जिससे प्रशान्त मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था।बताया जा रहा है कि पिछले दो-तीन दिनों से घर में लगातार विवाद चल रहा था। शनिवार को भी दिनभर कहासुनी के बाद शाम करीब आठ बजे प्रशान्त ने कमरे में छत के पंखे से दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने पर परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गोसाईंगंज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल की सूचना पर पहुंची गोसाईंगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के परिजनों ने पत्नी ममता सिंह, उसकी बहनों रुबी व बब्बी सिंह और सास श्याम कुमारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। एसीपी मोहनलालगंज विकास पांडे ने बताया की मृतक के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व प्रशांत की सास श्याम कुमारी और सालियां रुबी सिंह व बब्बी सिंह गांव स्थित घर पर पहुंची थीं, जहां उन्होंने जमकर हंगामा किया था।
परिजनों के अनुसार, इस दौरान घर का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। प्रशान्त मानसिक रूप से और अधिक दबाव में आ गया था। इसी घटना के बाद से वह लगातार परेशान चल रहा था। वहीं, बेटे की मौत की खबर मिलते ही पिता अशोक कुमार सिंह बेसुध हो गए। पोस्टमॉर्टम हाउस पर मौजूद परिजन और ग्रामीण उन्हें संभालते रहे। बार-बार बेटे को याद कर वह बिलख उठते, जिससे वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।